BRICS Summit 2026: ‘ब्रिक्स मतलब बैलेंस्ड ट्रेड’, बिजनेस फोरम की बैठक से दुनिया को संदेश

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BRICS Summit 2026: ‘ब्रिक्स मतलब बैलेंस्ड ट्रेड’, बिजनेस फोरम की बैठक से दुनिया को संदेश
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दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 पर आज पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई मुलाकात ने वैश्विक कूटनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई और वे गले मिले। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को एक विशेष उपहार भेंट किया, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने पुतिन को संत तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध तमिल किताब का रूसी अनुवाद भेंट किया। यह महान ग्रंथ लगभग 2000 साल पहले लिखा गया था। उपहार देते समय पीएम मोदी ने कहा कि यह किताब जनता से जनता के जुड़ाव का माध्यम है और इसमें मानव जीवन के गूढ़ रहस्यों के बारे में लिखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अनुवाद विशेष रूप से रूसी भाषा में पुतिन के लिए कराया गया है ताकि दोनों देशों के संबंध और प्रगाढ़ हो सकें। राष्ट्रपति पुतिन ने इस उपहार के लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया।

रक्षा और सामरिक सहयोग पर गहन मंथन

उपहारों के आदान-प्रदान के बाद दोनों नेताओं के बीच एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई जो लगभग 45 मिनट तक चली। इस बैठक में व्यापार, परमाणु ऊर्जा और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई। राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल भी दिल्ली आया है। गौरतलब है कि फरवरी 2022 में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब पुतिन रूस के बाहर आयोजित किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल हो रहे हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार, दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस मिसाइल को और अधिक उन्नत बनाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, रूस भारत को शेष एस-400 मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही, सुखोई- 57 लड़ाकू विमानों की प्रस्तावित आपूर्ति को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर जारी है।

संतुलित व्यापार और बिजनेस फोरम का संदेश

द्विपक्षीय वार्ता के समापन के बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने इन्नोप्रोम (INNOPROM) प्रदर्शनी का दौरा किया, जहां रूस की प्रमुख कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। इसके बाद दोनों नेता ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक में शामिल हुए। इस मंच से भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दुनिया को एक स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का वास्तविक अर्थ संतुलित व्यापार (Balanced Trade) है। यह बयान ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक समानता और निष्पक्ष व्यापारिक संबंधों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

ईरान के साथ नए संबंधों की शुरुआत

रूसी राष्ट्रपति के अलावा, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी इस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद पेजेशकियन की यह पहली भारत यात्रा है। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए नए आर्थिक प्रतिबंधों के कारण पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पेजेशकियन ने दिल्ली रवाना होने से पहले ब्रिक्स की महत्ता पर जोर देते हुए कहा था कि सदस्य देशों को अपनी आर्थिक शक्ति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स के न्यू डेवलपमेंट बैंक का निर्माण डॉलर पर देशों की निर्भरता को कम करने और वैश्विक स्तर पर अमेरिका के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए किया गया था। पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति के बीच होने वाली वार्ता में द्विपक्षीय व्यापार और आपसी संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

शांति और कूटनीति का वैश्विक मंच

यह शिखर सम्मेलन पिछले हफ्ते बिश्केक में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन की निरंतरता में देखा जा रहा है, जहां पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात हुई थी। उस समय पीएम मोदी ने यूक्रेन संघर्ष को तत्काल समाप्त करने की अपील की थी और पुतिन से युद्ध के अंत की ओर बढ़ने का आग्रह किया था। दिल्ली में आयोजित यह 18वां ब्रिक्स सम्मेलन न केवल आर्थिक सहयोग का मंच है, बल्कि यह वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। भारत की मेजबानी में हो रहे इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत वैश्विक मंच पर एक प्रमुख मध्यस्थ और आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

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