उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सिंगापुर यात्रा के दौरान भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप और भारत की वैश्विक शक्ति का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि मातृभूमि से दूर होने के बावजूद उनके मन में जो स्नेह है, वह भारत के विकास के लिए एक नया उत्साह पैदा करता है। उन्होंने नए भारत की संकल्पना को साझा करते हुए कहा कि आज का भारत विश्व पटल पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है और जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में व्यापक बदलाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य की छवि में आमूलचूल परिवर्तन आया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नौ साल पहले उत्तर प्रदेश अराजकता, दंगों और असुरक्षा के लिए जाना जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि उत्तर प्रदेश में अब न तो कर्फ्यू लगता है और न ही दंगे होते हैं। उन्होंने 'सब चंगा है' के नारे के साथ राज्य में शांति और व्यवस्था की बहाली का दावा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश विरासत और विकास के संगम के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है।
ब्रह्मोस मिसाइल और रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां
रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने ब्रह्मोस मिसाइल की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता और तकनीक ने वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण की इकाई का संदर्भ देते हुए कहा कि इस मिसाइल ने बड़े-बड़े विरोधियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए ब्रह्मोस की रणनीतिक भूमिका पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, बल्कि डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से रक्षा उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
डिजिटल इंडिया और तकनीकी प्रगति का वैश्विक प्रभाव
तकनीकी विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने डिजिटल इंडिया विजन की सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले किसी ने कल्पना नहीं की थी कि भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल लेनदेन में दुनिया का नेतृत्व करेगा। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भारत की तकनीकी प्रगति को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों के नेताओं ने भी प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल विजन की सराहना की है, जो न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के कल्याण के लिए प्रभावी साबित हो रहा है।
आर्थिक विकास और भविष्य का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने भारत की आर्थिक यात्रा पर जोर देते हुए कहा कि देश तेजी से विकास की सीढ़ियां चढ़ रहा है और उन्होंने प्रवासियों को बताया कि उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, एक्सप्रेसवे के जाल और निवेश अनुकूल वातावरण ने नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब अराजकता के दौर से बाहर निकलकर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो चुका है। मुख्यमंत्री ने प्रवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और भारत के विकास की इस यात्रा में सहभागी बनें।