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दिल्ली AI समिट हंगामा: ग्वालियर से एक और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार

दिल्ली AI समिट हंगामा: ग्वालियर से एक और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार
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दिल्ली में आयोजित ग्लोबल AI समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है और दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए ग्वालियर से जितेंद्र यादव नामक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक कुल पांच आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी समिट के दौरान शर्ट उतारकर प्रदर्शन करने और सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने के मामले में शामिल थे और अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों का विवरण

दिल्ली पुलिस की जांच टीम ने अब तक इस मामले में देश के विभिन्न हिस्सों से पांच प्रमुख पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्ण हरि, बिहार यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार, तेलंगाना यूथ कांग्रेस के नेशनल को-ऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव और हाल ही में ग्वालियर से पकड़े गए जितेंद्र यादव शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन सभी की भूमिका समिट के दौरान पूर्व नियोजित तरीके से हंगामा करने में पाई गई है।

बरामदगी और फरार आरोपियों की तलाश

जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस नेता कृष्ण हरि की गाड़ी को भी बरामद कर लिया है और पुलिस के मुताबिक, इस कार के भीतर से बड़ी संख्या में टी-शर्ट और विरोध प्रदर्शन से संबंधित पोस्टर बरामद किए गए हैं। सूत्रों ने जानकारी दी है कि पुलिस अब मुकेश शर्मा नाम के एक अन्य व्यक्ति की तलाश कर रही है, जो इस पूरे घटनाक्रम में शामिल बताया जा रहा है। फरार कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की टीमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित लगभग 12 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं।

लगाई गई गंभीर कानूनी धाराएं

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर और गैर-जमानती धाराएं लगाई हैं और इनमें धारा 61/2 के तहत आपराधिक साजिश रचने, धारा 221 के तहत सरकारी काम में बाधा डालने और धारा 121 के तहत लोक सेवक को चोट पहुंचाने के आरोप शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, धारा 223 के तहत सरकारी आदेश की अवहेलना, धारा 189 के तहत गैरकानूनी रूप से एकत्रित होने और धारा 3(5) के तहत साझा इरादे से अपराध करने के मामले दर्ज किए गए हैं। इन धाराओं की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपियों को विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेजा है।

प्रधानमंत्री मोदी का मेरठ में संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मेरठ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिल्ली AI समिट में हुए इस प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने एक महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन को अपनी राजनीति का अखाड़ा बनाने का प्रयास किया है और उन्होंने इस प्रदर्शन को 'अशोभनीय' करार देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को प्रभावित करने वाले ऐसे कृत्य स्वीकार्य नहीं हैं। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

युवा पीढ़ी और राजनीतिक प्रतिक्रिया

AI समिट के दौरान हुए इस हंगामे को लेकर देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर 'जेन जेड' (Gen Z) के बीच काफी चर्चा है। तकनीकी विशेषज्ञों और युवाओं का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्योन्मुखी विषय पर आयोजित वैश्विक सम्मेलन में इस तरह का व्यवधान विकास की गति में बाधक है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एक तरफ जहां विपक्षी दल बदलाव की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर विकास से जुड़े कार्यक्रमों में इस तरह के प्रदर्शनों से जनता के बीच अलग संदेश जा रहा है। पुलिस फिलहाल अन्य साक्ष्यों को जुटाने और साजिश के पीछे के मुख्य चेहरों की पहचान करने में जुटी है।

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