दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार कार प्रतिबंधित क्षेत्र के गेट नंबर 2 को तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल हो गई। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और कार चालक सहित तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस सुरक्षा उल्लंघन के पीछे के वास्तविक उद्देश्यों का पता लगाया जा सके। यह घटना राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्रों में से एक में हुई है, जिससे सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना के समय विधानसभा के वीआईपी गेट पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान तैनात थे। इसके बावजूद, उत्तर प्रदेश के पंजीकरण नंबर वाली एक टाटा सिएरा कार ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए अंदर प्रवेश किया। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, कार से एक व्यक्ति बाहर निकला, उसने वहां एक गुलदस्ता रखा और फिर तेजी से मौके से फरार हो गया। इस असामान्य व्यवहार ने सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया, जिसके बाद तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि, जांच के दौरान गुलदस्ते में कोई संदिग्ध या विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी और वाहन की बरामदगी
दिल्ली पुलिस की विभिन्न टीमों ने घटना के तुरंत बाद तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों का पीछा करना शुरू किया। पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर दिल्ली के रूप नगर इलाके से कार को जब्त कर लिया और तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। बरामद की गई कार का पंजीकरण नंबर UP-26 AZ 8090 है, जो उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में पंजीकृत है। पुलिस के अनुसार, कार चालक की पहचान सरबजीत के रूप में हुई है और वाहन भी उसी के नाम पर पंजीकृत है और पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी पीलीभीत से दिल्ली किस उद्देश्य से आए थे और विधानसभा परिसर को ही क्यों चुना गया।
वीआईपी गेट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल और चूक
दिल्ली विधानसभा का गेट नंबर 2 विशेष रूप से वीआईपी आवाजाही के लिए आरक्षित है और यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं। घटना के समय सीआरपीएफ के जवानों की मौजूदगी के बावजूद कार का अंदर घुस जाना सुरक्षा तंत्र में एक बड़ी खामी को दर्शाता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस बात की जांच की जा रही है कि क्या यह केवल एक लापरवाही का मामला था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी। विधानसभा परिसर में इस तरह की सेंधमारी ने प्रशासनिक हलकों में चिंता पैदा कर दी है, विशेष रूप से तब जब शहर में सुरक्षा अलर्ट अक्सर जारी रहते हैं।
उच्च स्तरीय जांच और पुलिस आयुक्त का दौरा
घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने स्वयं विधानसभा परिसर का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस आयुक्त ने इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और सुरक्षा में हुई चूक के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी आरोपियों से पूछताछ में शामिल हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे या बड़ी साजिश की संभावना को खारिज किया जा सके।
आरोपियों की पहचान और पूछताछ की प्रक्रिया
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य चालक सरबजीत के अलावा दो अन्य व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ की जा रही है ताकि उनके बयानों में किसी भी तरह के विरोधाभास को पकड़ा जा सके। अब तक की जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विधानसभा परिसर में गुलदस्ता रखने का क्या अर्थ था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या आरोपियों का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है या वे किसी विशेष संगठन से जुड़े हुए हैं। रूप नगर इलाके से उनकी गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने उस स्थान की भी तलाशी ली है जहां वे रुके हुए थे।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और भविष्य के कदम
इस घटना के बाद दिल्ली विधानसभा और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जा रही है। विधानसभा सचिवालय और दिल्ली पुलिस के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जांच दल वर्तमान में कार के मार्ग और उसके दिल्ली में प्रवेश के समय की मैपिंग कर रहा है ताकि घटना से पहले की गतिविधियों का पूरा खाका तैयार किया जा सके।