लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देश के युवाओं और उद्यमी जगत के सामने एक प्रेरणादायक आह्वान रखा है, जिसमें उन्होंने उन्हें जॉब सीकर यानी नौकरी की तलाश करने वालों के बजाय जॉब क्रिएटर यानी रोजगार सृजक बनने के लिए प्रोत्साहित किया है। नई दिल्ली में आयोजित माहेश्वरी समाज और विकसित भारत 2047 विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए, स्पीकर ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विकसित भारत 2047 का भव्य लक्ष्य केवल सरकारी योजनाओं या प्रयासों के बल पर पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए व्यापक जनभागीदारी, निरंतर नवाचार, साहसी उद्यमशीलता और एक अटूट सामूहिक संकल्प की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की विकास यात्रा के सारथी बनें और अपनी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाएं।
नवाचार और भविष्य की तकनीक पर जोर
अपने संबोधन के दौरान, ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि उद्यमशीलता और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रियाएं एक-दूसरे की पूरक हैं और इन्हें साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा जब उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। समावेशी विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और सक्रिय जनभागीदारी को उन्होंने एक विकसित राष्ट्र की अनिवार्य बुनियाद बताया और लोकसभा अध्यक्ष ने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवाचार और अन्य उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ज्ञान और तकनीक पर टिकी होगी, और भारत को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने युवाओं को इन नई तकनीकों को अपनाने और उनमें विशेषज्ञता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
आर्थिक और सामाजिक प्रगति में माहेश्वरी समाज की शक्ति
लोकसभा अध्यक्ष ने माहेश्वरी समाज को भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास की एक अत्यंत महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में सराहा। उन्होंने कहा कि इस समाज ने अपने सेवाभाव, उच्च नैतिक व्यावसायिक मूल्यों और परोपकार की अपनी गौरवशाली परंपरा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में जो योगदान दिया है, वह अतुलनीय है। शिक्षा, स्वास्थ्य, जनसेवा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में समाज की विभिन्न संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों को उन्होंने अनुकरणीय बताया। ओम बिरला ने उल्लेख किया कि माहेश्वरी समाज ने अपनी उद्यमशीलता के जरिए न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर अर्थव्यवस्थाओं को भी एक नई मजबूती प्रदान की है। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध उद्योगपति आनंद राठी और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी के विशिष्ट योगदानों की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
चंडीगढ़ में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ का महत्वपूर्ण सम्मेलन
विकसित भारत 2047 के संकल्प को विधायी स्तर पर मजबूती देने के लिए, सोमवार से चंडीगढ़ में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र जोन-II का द्वितीय सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। हरियाणा विधानसभा में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का मुख्य विषय विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में विधायिकाओं और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर केंद्रित होगा। यह सम्मेलन संसदीय लोकतंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने और विकास के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का महामंथन
चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कई प्रमुख हस्तियां अपने विचार व्यक्त करेंगी। इनमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा प्रमुख रूप से शामिल होंगे। इस सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के पीठासीन अधिकारी, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भाग लेंगे। इस दो दिवसीय मंथन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करें और विधायी प्रक्रियाओं के माध्यम से विकसित भारत के सपने को साकार करने में अपना सक्रिय योगदान दें।