उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग ने 10 अप्रैल 2026 को राज्य की अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान के सफल समापन के बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या में 84,28,767 का बड़ा इजाफा हुआ है। इस वृद्धि के साथ ही उत्तर प्रदेश में अब कुल मतदाताओं का आंकड़ा 13,39,84,792 तक पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान 27 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 10 अप्रैल 2026 तक कुल 166 दिनों तक चलाया गया, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिहीन और अद्यतन बनाना था।
मतदाता जनसांख्यिकी और जेंडर रेशियो में सुधार
46%) दर्ज की गई है। थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 4,206 है। इस पुनरीक्षण अभियान के दौरान जेंडर रेशियो में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है, जो 824 से बढ़कर अब 834 हो गया है। विशेष रूप से 18-19 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। मसौदा सूची में इस आयु वर्ग के केवल 3,33,981 मतदाता थे, जो अब बढ़कर 17,63,360 हो गए हैं।
प्रयागराज और लखनऊ में सर्वाधिक मतदाता वृद्धि
क्षेत्रीय आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश के शहरी और बड़े जिलों में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है और जिलों की सूची में प्रयागराज 3,29,421 नए मतदाताओं के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद लखनऊ में 2,85,961, बरेली में 2,57,920, गाजियाबाद में 2,43,666 और जौनपुर में 2,37,590 मतदाताओं का इजाफा हुआ है। विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो गाजियाबाद की साहिबाबाद (55) सीट पर सबसे ज्यादा 82,898 नए मतदाता जुड़े हैं। जौनपुर और लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में भी क्रमशः 56,118 और 54,822 की वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रशासनिक मशीनरी और अभियान की रूपरेखा
इस विशाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरा करने के लिए राज्य स्तर पर व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था की गई थी। अभियान में 75 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), 403 निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) और 12,758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी (AERO) शामिल थे। जमीनी स्तर पर 1,77,516 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और 18,026 सुपरवाइजरों ने घर-घर जाकर सत्यापन और पंजीकरण का कार्य किया। 22 करोड़ विसंगतियों वाले मामलों की जांच की गई और 27 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया गया।
तकनीकी नवाचार और शिकायत निवारण में यूपी अव्वल
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए 'बुक ए कॉल विद BLO' जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान कीं। इस सुविधा के माध्यम से 8,63,297 कॉल बुक की गईं, जिनमें से 97% मतदाताओं से BLO द्वारा सीधा संपर्क किया गया। इस मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा। 8% का निस्तारण किया गया, जिससे यूपी शिकायत निवारण में देश में दूसरे स्थान पर रहा। राज्य और जिला स्तर पर हेल्पलाइन नंबर 1950 के माध्यम से भी हजारों मतदाताओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
राजनीतिक दलों की भागीदारी और पारदर्शिता
पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ राज्य स्तर पर 5 महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों को प्रक्रिया की प्रगति से अवगत कराया गया। बूथ स्तर पर भी राजनीतिक दलों के 5,82,877 एजेंटों (BLA) ने सक्रिय सहयोग दिया। आयोग के अनुसार, किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित नोटिस और निर्धारित प्रक्रिया के नहीं हटाया गया है। सभी विलोपन (Deletion) केवल सक्षम अधिकारियों के आदेश के बाद ही किए गए हैं।