Ahmedabad Plane Crash / 47 मृतकों की DNA टेस्ट में हुई पहचान, परिजनों को सौंपे गए 24 शव

अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया विमान हादसे में मारे गए 47 लोगों की पहचान डीएनए टेस्ट से हुई है। 24 शव परिजनों को सौंपे गए हैं। 12 जून को हुए इस भीषण हादसे में अब तक 297 मौतों की पुष्टि हुई है। राहत व बचाव कार्य जारी है।

Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया के विमान AI171 की भीषण दुर्घटना के तीन दिन बाद अधिकारियों ने रविवार को जानकारी दी कि अब तक 47 मृतकों की पहचान डीएनए परीक्षण के जरिए की जा चुकी है, और 24 शवों को उनके परिजनों को सौंपा गया है। यह हादसा 12 जून को दोपहर 1:39 बजे हुआ था, जब बोइंग 787-8 विमान ने सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद ही नियंत्रण खो दिया और मेघानीनगर स्थित एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया

297 की मौत, एकमात्र जीवित बचा ब्रिटिश नागरिक

हादसे के वक्त विमान में 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे। हादसे में केवल एक 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक जीवित बच पाया, बाकी सभी की मौत हो गई। इस हादसे में जमीन पर मौजूद कई लोग भी मारे गए, जिनमें पांच एमबीबीएस छात्र भी शामिल थे। अब तक कुल 297 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

शवों की पहचान में डीएनए परीक्षण बना सहारा

घटना के बाद कई शव इस कदर क्षतिग्रस्त या जल चुके थे कि उनकी पहचान पारंपरिक तरीकों से संभव नहीं थी। ऐसे में प्रशासन ने डीएनए मिलान प्रक्रिया शुरू की। अतिरिक्त सिविल अधीक्षक डॉ. रजनीश पटेल के मुताबिक, "अब तक 47 शवों की डीएनए से पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 24 परिवारों को सौंप दिए गए हैं। मृतक राजस्थान और गुजरात के अलग-अलग जिलों से थे।"

राहत और बचाव अभियान जारी

हादसे के बाद से बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैंगुजरात के राहत आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि मृतकों के परिवारों की पहचान कर उन्हें समुचित सहायता, बीमा प्रक्रिया और प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "22 जिलों में मृतकों के परिवार रहते हैं, 22 मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपे जा चुके हैं। बीमा क्लेम में बाधा न हो, इसके लिए विशेष 22 टीमें बनाई गई हैं।"

सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था कड़ी

अस्पताल और घटनास्थल के आसपास सुरक्षा चाक-चौबंद है। पुलिस अधिकारी जयपाल जी ने जानकारी दी कि 7 आईपीएस अधिकारी क्षेत्र में लगातार मौजूद हैं और 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था कायम है।

डॉ. रजनीश पटेल की जानकारी

डॉ. पटेल के मुताबिक, 44 परिवारों को सूचना दे दी गई है और हर शव को उसके परिजनों तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक केस पर एक विशेष टीम नियुक्त की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में फिलहाल केवल 13 लोग भर्ती हैं, बाकी सभी को छुट्टी दी जा चुकी है।


यह हादसा न केवल एविएशन इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बन गया है, बल्कि सैकड़ों परिवारों के जीवन में स्थायी दुख छोड़ गया है। प्रशासनिक प्रयास लगातार जारी हैं ताकि शवों की पहचान, बीमा क्लेम और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सहज ढंग से पूरी हो सके। सरकार और प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया गया है।

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