आकांक्षा चौधरी: मिस यूनिवर्स के लिए लुक बदलने पर खर्च किए 60000 रुपये, बयां किया दर्द

लॉक अप 2 और स्प्लिट्सविला X6 फेम आकांक्षा चौधरी ने मिस यूनिवर्स की तैयारी के दौरान चेहरे को शार्प दिखाने के दबाव पर बात की है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने चीक्स फैट रिमूवल के लिए 60000 रुपये तक खर्च किए और इसके लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा।

रियलिटी शो लॉक अप 2 और स्प्लिट्सविला X6 के जरिए अपनी पहचान बनाने वाली आकांक्षा चौधरी ने हाल ही में अपने जीवन के एक कठिन दौर के बारे में खुलासा किया है। मिस यूनिवर्स जैसे बड़े मंच पर कदम रखने से पहले आकांक्षा को अपने लुक को लेकर जिस तरह के दबाव का सामना करना पड़ा, वह काफी चौंकाने वाला है। मॉडलिंग और ब्यूटी पेजेंट की दुनिया में अक्सर एक खास तरह के शारीरिक मापदंडों की मांग की जाती है, और आकांक्षा ने बताया कि कैसे इस मांग ने उन्हें अपने प्राकृतिक स्वरूप को बदलने के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया।

शार्प फीचर्स के लिए मिला दबाव

आकांक्षा चौधरी ने साझा किया कि जब वह मिस यूनिवर्स की अपनी यात्रा शुरू करने वाली थीं, तब उन्हें कई लोगों ने बार-बार यह सलाह दी कि उन्हें अपने गालों की चर्बी कम करनी होगी। उन्होंने बताया कि इस इंडस्ट्री में यह धारणा बनी हुई है कि केवल तराशा हुआ और शार्प चेहरा ही सफल होता है। आकांक्षा के अनुसार, उन्हें हजारों बार यह कहा गया कि मॉडलिंग में टिके रहने के लिए उनके चेहरे का शार्प होना बेहद जरूरी है। इसी दबाव के चलते उन्होंने अपने चेहरे के लुक को बदलने के लिए कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं का सहारा लेने का फैसला किया।

सर्जरी की अफवाहों पर दी सफाई

हॉटर्फ्लाई के साथ एक विशेष बातचीत में आकांक्षा ने उन तमाम अटकलों पर विराम लगाया जो उनकी नाक की सर्जरी को लेकर लगाई जा रही थीं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि लोग उनके वीडियो बनाकर यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने नोज जॉब करवाई है, लेकिन यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि उन्होंने नाक की कोई सर्जरी नहीं करवाई है। हालांकि, उन्होंने एक अन्य प्रक्रिया 'बकल फैट रिमूवल' के बारे में विस्तार से बात की, जिसे लेकर वह काफी गंभीर थीं। बकल फैट रिमूवल एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें गालों के अंदरूनी हिस्से से चर्बी हटाई जाती है ताकि चेहरा अधिक कोणीय और शार्प दिखे।

मुंबई की यात्रा और आर्थिक संघर्ष

इस प्रक्रिया को करवाने के लिए आकांक्षा ने काफी तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि वह विशेष रूप से डॉक्टरों से सलाह लेने के लिए मुंबई आई थीं। इस सर्जरी या ट्रीटमेंट के लिए उन्होंने काफी पैसे बचाए थे। आकांक्षा ने खुलासा किया कि पैसे बचाने के लिए उन्होंने अपने खान-पान में भारी कटौती की थी। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब वह दिन भर में केवल एक बार तरबूज खाकर गुजारा करती थीं और यह उनके उस समर्पण और दबाव को दर्शाता है जो वह अपने लुक को बेहतर बनाने के लिए महसूस कर रही थीं।

ट्रीटमेंट पर खर्च किए हजारों रुपये

आकांक्षा ने बताया कि उन्होंने चेहरे की चर्बी कम करने के लिए इंजेक्शन वाले ट्रीटमेंट का सहारा लिया। उन्होंने दावा किया कि यह ट्रीटमेंट लगभग 4 से 5 हफ्ते तक चला। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्होंने कुल मिलाकर लगभग 40000 से 60000 रुपये खर्च किए। आकांक्षा ने बताया कि डॉक्टर उनके गालों के पास इंजेक्शन लगाते थे। इतनी बड़ी राशि खर्च करने और हफ्तों तक दर्द सहने के बावजूद, उन्हें वह परिणाम नहीं मिले जिसकी उन्हें उम्मीद थी।

नतीजों से मिली निराशा

इतने महंगे ट्रीटमेंट के बाद भी आकांक्षा के चेहरे पर कोई खास बदलाव नहीं आया। उन्होंने बताया कि 4-5 हफ्ते तक इंजेक्शन लगवाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। इस अनुभव के बाद उन्होंने फैसला किया कि वह अपने चेहरे पर कोई भी परमानेंट सर्जरी नहीं करवाएंगी। आकांक्षा की यह कहानी दिखाती है कि ग्लैमर की दुनिया में खुद को स्थापित करने के लिए कलाकारों को किस तरह के मानसिक और शारीरिक संघर्षों से गुजरना पड़ता है और कैसे बाहरी दिखावे का दबाव कभी-कभी भारी पड़ता है।