US Visa Ban / अमेरिका ने रूस, ईरान सहित 75 देशों के नागरिकों के वीजा प्रोसेसिंग पर लगाई रोक, 21 जनवरी से लागू होंगे नए नियम

अमेरिका ने रूस, ईरान, अफगानिस्तान और सोमालिया सहित 75 देशों के आवेदकों के वीजा प्रोसेसिंग पर रोक लगा दी है। यह कदम 21 जनवरी से प्रभावी होगा, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवेदक भविष्य में अमेरिकी सार्वजनिक लाभों पर निर्भर न हों। मिनेसोटा में हुए एक बड़े धोखाधड़ी मामले के बाद सोमालिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत रूस, ईरान और अफगानिस्तान सहित 75 देशों के नागरिकों के लिए वीजा प्रोसेसिंग पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध 21 जनवरी से प्रभावी होगा और इसका मुख्य उद्देश्य उन आवेदकों की कड़ी निगरानी करना है जिनके भविष्य में अमेरिकी सार्वजनिक लाभों पर निर्भर होने की संभावना है। अमेरिकी प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि देश में प्रवेश करने वाले व्यक्ति 'पब्लिक चार्ज' न बनें, यानी वे अमेरिकी करदाताओं के पैसे से चलने वाले कल्याणकारी कार्यक्रमों पर बोझ न बनें।

75 देशों पर प्रतिबंध का कारण

अमेरिका द्वारा यह कदम उन आवेदकों पर कड़ी नजर रखने के लिए उठाया गया। है, जिन्हें अमेरिका में 'पब्लिक चार्ज' बनने की संभावना ज्यादा मानी जा रही है। अधिकारियों को कानून के तहत उन आवेदकों को वीजा देने से मना करने का निर्देश दिया गया है जो भविष्य में सार्वजनिक सहायता पर निर्भर हो सकते हैं। इस निर्णय के पीछे का विचार यह है कि अमेरिका अपनी उदारता का लाभ उठाने वाले अप्रवासियों को रोकना चाहता है और स्टेट डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि यह लंबे समय से चली आ रही अथॉरिटी का इस्तेमाल उन अप्रवासियों को अयोग्य ठहराने के लिए करेगा जो अमेरिका पर पब्लिक चार्ज बन जाएंगे और अमेरिकी लोगों की उदारता का फायदा उठाएंगे। इन 75 देशों से इमिग्रेशन तब तक रोका जाएगा जब तक डिपार्टमेंट इमिग्रेशन प्रोसेसिंग प्रक्रियाओं का मूल्यांकन नहीं कर लेता, ताकि ऐसे लोगों को एंट्री से रोका जा सके जो वेलफेयर और पब्लिक बेनिफिट्स लेंगे।

सोमालिया पर विशेष ध्यान

इस सूची में रूस, सोमालिया, अफगानिस्तान, इराक, मिस्र, ब्राजील, ईरान, नाइजीरिया, थाईलैंड और यमन जैसे देश शामिल हैं। फॉक्स न्यूज के अनुसार, इन देशों के नागरिकों को अमेरिका का वीजा नहीं दिया जाएगा। यह प्रतिबंध उन लोगों को देश में प्रवेश देने से रोकने के लिए है जिनकी अपने दम पर कम और सरकारी मदद पर निर्भर रहने की संभावनाएं ज्यादा हैं। यह माना जा रहा है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए ये नए प्रतिबंध तब तक जारी रह सकते हैं, जब तक नई सुरक्षा व्यवस्था का काम पूरा नहीं हो जाता और डिपार्टमेंट इमिग्रेशन प्रोसेसिंग प्रक्रियाओं का पूरी तरह से मूल्यांकन नहीं कर लेता। बताया जा रहा है कि मिनियापोलिस में हुए एक बड़े धोखाधड़ी के मामले के बाद सोमालिया पर अमेरिका की कड़ी नजर है। इस मामले में टैक्सपेयर्स के पैसे से चलने वाले बेनिफिट प्रोग्राम्स के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का खुलासा हुआ था। इसमें शामिल कई लोग सोमाली नागरिक या सोमाली-अमेरिकी थे। इस घटना ने अमेरिकी प्रशासन को सोमालिया से आने वाले आवेदकों के प्रति अधिक सतर्क कर दिया है,। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी और सार्वजनिक लाभों का दुरुपयोग न हो। मिनेसोटा में सामने आए इस बड़े फ्रॉड के बाद से प्रशासन सोमालिया के नागरिकों पर पैनी नजर रख रहा है।

'पब्लिक चार्ज' प्रावधान और नए स्क्रीनिंग नियम

नवंबर 2025 में दुनिया भर के दूतावासों को भेजे गए स्टेट डिपार्टमेंट केबल में कांसुलर अधिकारियों को इमिग्रेशन कानून के 'पब्लिक चार्ज' प्रावधान के तहत नए स्क्रीनिंग नियमों को लागू करने का निर्देश मिला था। ये गाइडेंस कांसुलर अधिकारियों को उन आवेदकों को वीजा देने से मना करने का अधिकार देता है जिनके पब्लिक बेनिफिट्स पर निर्भर रहने की संभावना है। इन नए नियमों के तहत, वीजा आवेदकों का मूल्यांकन कई बिंदुओं पर किया जाएगा और इसमें आवेदक का स्वास्थ्य, आयु, अंग्रेजी दक्षता और यहां तक कि लॉन्ग टर्म की मेडिकल देखभाल की संभावित जरूरत भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादा उम्र और ज्यादा वजन वाले आवेदकों को अमेरिकी वीजा देने से साफ मना किया जा सकता है। इसके साथ ही उन लोगों को भी अमेरिकी वीजा मिलने में काफी मुश्किल हो सकती है, जिन्होंने पहले कभी सरकारी कैश सहायता ली हो। यह व्यापक स्क्रीनिंग प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन की गई है कि केवल वे व्यक्ति। ही अमेरिका में प्रवेश करें जो आत्मनिर्भर हो सकें और अमेरिकी सार्वजनिक संसाधनों पर बोझ न बनें।

अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट का रुख

स्टेट डिपार्टमेंट ने अपने बयान में इस नीतिगत बदलाव को उचित ठहराते हुए कहा है कि यह कदम अमेरिकी करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है और डिपार्टमेंट का मानना है कि अप्रवासियों को अमेरिकी समाज में योगदान देना चाहिए, न कि सार्वजनिक सहायता पर निर्भर रहना चाहिए। यह नीति उन लोगों को लक्षित करती है जो वेलफेयर और पब्लिक बेनिफिट्स का लाभ उठाना चाहते हैं, और यह सुनिश्चित करती है कि अमेरिका में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्ति देश के कानूनों और अपेक्षाओं का पालन करें। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक डिपार्टमेंट इमिग्रेशन प्रोसेसिंग प्रक्रियाओं का पूरी तरह से मूल्यांकन नहीं कर लेता और एक मजबूत सुरक्षा व्यवस्था स्थापित नहीं कर लेता, जो ऐसे लोगों को एंट्री से रोक सके जो वेलफेयर और पब्लिक बेनिफिट्स लेंगे और यह एक बड़ा कदम है जो अमेरिका की इमिग्रेशन नीतियों में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, जिसका सीधा असर इन 75 देशों के नागरिकों पर पड़ेगा।