अमेरिकी मिडटर्म चुनाव का विज्ञापन खर्च राष्ट्रपति चुनाव से साढ़े तीन गुना हुआ ज्यादा

अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में विज्ञापन खर्च ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव को पीछे छोड़ दिया है। 26 अक्टूबर तक 1.06 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जो लगभग 3.5 गुना अधिक है।

अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में विज्ञापन खर्च ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के खर्च को पीछे छोड़ दिया है। 5 गुना ज्यादा है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। चुनाव से पहले प्रचार पर जिस भारी मात्रा में पैसा खर्च किया गया है, उसने इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे महंगे चुनावों में शामिल कर दिया है। खास बात यह है कि सीनेट की कुछ सीटों पर होने वाला खर्च कई देशों के सालाना बजट से भी ज्यादा हो चुका है।

विज्ञापन खर्च के चौंकाने वाले आंकड़े

21 अरब डॉलर यानी लगभग 1 लाख 6 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। 2 अरब डॉलर यानी 30 हजार 323 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। हालांकि, यह तुलना सिर्फ विज्ञापन खर्च की है, न कि चुनाव के कुल खर्च की। इस भारी भरकम विज्ञापन खर्च ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और चुनावी विज्ञापनों पर इतना पैसा बहाए जाने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

सिर्फ तीन सीटों पर 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च

अमेरिका के इस चुनाव में सभी सीटों पर एक समान खर्च नहीं हुआ है, बल्कि कुछ चुनिंदा राज्यों की सीनेट सीटों पर पानी की तरह पैसा बहाया गया है। टेक्सास, ओहायो और मिशिगन की सीनेट सीटों पर भारी भरकम खर्च दर्ज किया गया है। चुनावी खर्च के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, टेक्सास में 573 मिलियन डॉलर से ज्यादा, ओहायो में 435 मिलियन डॉलर से ज्यादा और मिशिगन में करीब 333 मिलियन डॉलर खर्च हुए हैं। 302 अरब डॉलर से ज्यादा यानी लगभग 12 हजार 338 करोड़ रुपये बैठता है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।

टेक्सास में एक सीट पर 5 हजार 430 करोड़ रुपये खर्च

इस चुनाव में टेक्सास की सीनेट सीट सबसे महंगी सीट बन चुकी है और 7 मिलियन डॉलर यानी करीब 1 हजार 570 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। 5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 3 हजार 861 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस तरह दोनों चरणों को मिलाकर कुल खर्च 573 मिलियन डॉलर यानी करीब 5 हजार 430 करोड़ रुपये हो गया है। 7 मिलियन डॉलर यानी करीब 5 हजार 144 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। टेक्सास इस आंकड़े को पार करने वाली दूसरी गैर-राष्ट्रपति चुनावी सीट बन गई है और 3 मिलियन डॉलर यानी करीब 4 हजार 874 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। AdImpact के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी चुनावी इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि एक ही इलेक्शन साइकिल में दो गैर-राष्ट्रपति चुनावी मुकाबलों पर 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम खर्च की गई हो।

टेक्सास में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का मुकाबला

टेक्सास में रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको आमने-सामने खड़े हैं। 7 मिलियन डॉलर यानी करीब 1 हजार 333 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च किए। 5 मिलियन डॉलर के आम चुनाव विज्ञापन खर्च में रिपब्लिकन पक्ष की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। हालांकि, इस मुकाबले में खर्च का अंतर शुरुआत से ऐसा नहीं था और 5 मिलियन डॉलर यानी करीब 24 करोड़ रुपये था। इसके बाद रिपब्लिकन पार्टी ने विज्ञापनों पर खर्च को बहुत तेजी से बढ़ाया। 3 मिलियन डॉलर यानी करीब 145 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च किए। 2 मिलियन डॉलर यानी करीब 277 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा।

पैक्सटन के प्रचार में बाहरी समूहों का भारी निवेश

टेक्सास में कुल खर्च का एक बहुत बड़ा हिस्सा उम्मीदवारों के अपने इलेक्शन कैंपेन की बजाय बाहरी पॉलिटिकल ग्रुप्स यानी राजनीतिक समूहों से आया है और 7 मिलियन डॉलर यानी करीब 2 हजार 385 करोड़ रुपये के विज्ञापन चलाए। 6 मिलियन डॉलर यानी करीब 290 करोड़ रुपये ही रहा। AdImpact के आंकड़ों के अनुसार, पैक्सटन को मिलने वाले विज्ञापन समर्थन का 92 प्रतिशत हिस्सा बाहरी समूहों से आया था। इसके विपरीत, टालारिको के मामले में यह हिस्सेदारी केवल 23 प्रतिशत थी। इससे साफ पता चलता है कि चुनाव में उम्मीदवारों के अपने प्रचार के अलावा बाहरी राजनीतिक समूहों का पैसा भी नतीजों को अपने पक्ष में प्रभावित करने की भरपूर कोशिश कर रहा है।

विज्ञापनों में मुद्दों से ज्यादा नजर आए आरोप-प्रत्यारोप

AdImpact की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चुनाव में विज्ञापनों का स्तर नीतिगत चर्चाओं से हटकर तीखे हमलों पर केंद्रित रहा। डेमोक्रेट्स के विज्ञापनों में मुख्य रूप से टैक्स, स्वास्थ्य सेवाओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। डेमोक्रेट्स ने केन पैक्सटन पर करप्शन को लेकर करीब 28 हजार टीवी विज्ञापन चलाए। वहीं दूसरी तरफ, रिपब्लिकन्स के विज्ञापनों में अपराध, ट्रांसजेंडर नाबालिगों से जुड़े संवेदनशील मुद्दे और टैक्स प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन विज्ञापनों के जरिए जेम्स टालारिको को अत्यधिक उदारवादी विचारों वाला नेता साबित करने की पुरजोर कोशिश की गई। टेक्सास में टीवी पर प्रसारित होने वाले कुल राजनीतिक विज्ञापनों में 61 प्रतिशत विज्ञापन नकारात्मक या एक-दूसरे पर विरोधी आरोप लगाने वाले थे। रिपब्लिकन पक्ष के करीब दो-तिहाई टीवी विज्ञापन पूरी तरह से नकारात्मक थे, जबकि डेमोक्रेट्स के विज्ञापनों में यह हिस्सेदारी 52 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके अलावा, बाहरी राजनीतिक समूहों द्वारा चलाए गए टीवी विज्ञापनों में दो-तिहाई से ज्यादा विज्ञापन नकारात्मक या विरोधी संदेशों वाले ही थे।

अमेरिका के लिए क्यों इतना अहम है मिडटर्म चुनाव?

अमेरिका में राष्ट्रपति का कुल कार्यकाल चार साल का होता है, जबकि मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के कार्यकाल के ठीक बीच में कराए जाते हैं। इस बार देश में हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों के नतीजे ही यह तय करेंगे कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के अगले दो साल में संसद के दोनों सदनों पर किस राजनीतिक दल का पूर्ण नियंत्रण रहेगा। यदि रिपब्लिकन पार्टी संसद के दोनों सदनों में अपना बहुमत बनाए रखने में कामयाब होती है, तो राष्ट्रपति ट्रंप को अपने एजेंडे और नीतियों को आगे बढ़ाने में बहुत मदद मिलेगी। वहीं दूसरी ओर, यदि डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत हासिल होता है, तो सरकार के तमाम नीतिगत फैसलों और विधायी कामकाज पर उसका कड़ा प्रभाव बढ़ जाएगा। इसी महत्वपूर्ण राजनीतिक समीकरण के चलते दोनों प्रमुख पार्टियां चुनाव प्रचार पर पानी की तरह भारी-भरकम रकम खर्च कर रही हैं।

मिडटर्म चुनाव के सबसे बड़े डोनर्स कौन हैं?

इस चुनाव में वित्तीय सहयोग देने वाले बड़े दानदाताओं की सूची भी काफी लंबी है। तकनीकी दिग्गज एलन मस्क ने इस मिडटर्म चुनाव में कुल 446 मिलियन डॉलर यानी करीब 4 हजार 226 करोड़ रुपये का भारी योगदान दिया है। इसके अलावा, रिचर्ड और एलिजाबेथ उइलीन ने करीब 150 मिलियन डॉलर, जेफ यास और उनकी पत्नी ने 110 मिलियन डॉलर तथा जॉर्ज सोरोस ने लगभग 102 मिलियन डॉलर की बड़ी धनराशि का योगदान दिया है। इन अरबपति दानदाताओं के पैसों ने भी चुनाव के इस भारी भरकम बजट को तय करने में एक बहुत बड़ी और निर्णायक भूमिका निभाई है, जिसने अमेरिकी चुनावी इतिहास में विज्ञापनों के सभी पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।