बाबर आजम के टेस्ट फॉर्मेट में फिर से कप्तानी संभालने के बाद भी पाकिस्तानी टीम के प्रदर्शन में कोई खास बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला है। वेस्टइंडीज के दौरे पर गई पाकिस्तानी टीम को दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में 90 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान की टीम इस सीरीज के लिए काफी उम्मीदों के साथ वेस्टइंडीज पहुंची थी, जहां बाबर आजम को इस फॉर्मेट में दोबारा से कप्तानी करने का मौका मिला, लेकिन उनके इस नए सफर का आगाज बिल्कुल भी उम्मीद के अनुसार नहीं रहा। वेस्टइंडीज की टीम ने तरौबा के ब्रायन लारा स्टेडियम में खेले गए इस पहले मुकाबले में पाकिस्तान को मात देने के साथ ही सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है।
बल्लेबाजी का फ्लॉप शो और जायडन सील्स का कहर
पाकिस्तानी टीम को इस मुकाबले की चौथी पारी में जीत के लिए 211 रनों का लक्ष्य मिला था। हालांकि, लक्ष्य का पीछा करते हुए उनकी तरफ से दूसरी पारी में बेहद खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन देखने को मिला और पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और सिर्फ 120 रन बनाकर सिमट गई। वेस्टइंडीज की ओर से इस पारी में युवा गेंदबाज जायडन सील्स ने अपनी घातक गेंदबाजी से कहर बरपाया। 2 ओवर्स की गेंदबाजी में सिर्फ 20 रन खर्च किए और पाकिस्तान के 5 महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। उनकी इस शानदार गेंदबाजी के आगे पाकिस्तान का कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सका और टीम को एक बड़ी हार झेलनी पड़ी।
विदेशी धरती पर पाकिस्तान की लगातार 8वीं हार
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बाबर आजम को दोबारा कप्तानी की जिम्मेदारी इसी उम्मीद में सौंपी थी कि टीम का विदेशी धरती पर खराब प्रदर्शन का सिलसिला थमेगा। लेकिन आंकड़ों में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। पाकिस्तानी टीम ने घर के बाहर आखिरी बार जुलाई 2023 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच जीता था। उस जीत के बाद से अब तक पाकिस्तान को विदेशी मैदानों पर लगातार 8 टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। यह पाकिस्तान के टेस्ट इतिहास में विदेशी दौरों पर हार का अब तक का सबसे लंबा सिलसिला बन गया है। वहीं अगर वेस्टइंडीज की बात करें, तो उनके लिए यह जीत काफी अहम है क्योंकि वे अपने पिछले 11 टेस्ट मुकाबलों में से केवल दूसरा मैच जीतने में सफल रहे हैं।
तेज गेंदबाजों का ऐतिहासिक दबदबा
वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच खेले गए इस टेस्ट मैच में एक अनोखा रिकॉर्ड भी बना। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह केवल छठी बार हुआ है जब किसी एक मैच के सभी 40 विकेट केवल तेज गेंदबाजों ने ही लिए हों। इस पूरे मैच में स्पिनरों को एक भी सफलता नहीं मिली। इसके अलावा, यह पहली बार हुआ है जब वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों ने पाकिस्तान के खिलाफ किसी टेस्ट मैच में सभी 20 विकेट हासिल किए हों। यह मैच पूरी तरह से तेज गेंदबाजों के नाम रहा जिन्होंने पिच की परिस्थितियों का भरपूर फायदा उठाया।
एक टेस्ट मैच में सभी 40 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाजों के मुकाबले
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक केवल 6 बार ऐसा हुआ है जब सभी 40 विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए हैं।
- इंग्लैंड बनाम वेस्टइंडीज - द ओवल, साल 1984
- पाकिस्तान बनाम जिम्बाब्वे - रावलपिंडी, साल 1993
- इंग्लैंड बनाम साउथ अफ्रीका - लीड्स, साल 1998
- साउथ अफ्रीका बनाम भारत - जोहान्सबर्ग, साल 2018
- इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड - लॉर्ड्स, साल 2026
- वेस्टइंडीज बनाम पाकिस्तान - तरौबा, साल 2026
इस हार के बाद बाबर आजम की कप्तानी और पाकिस्तान की बल्लेबाजी तकनीक पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सीरीज का अगला मैच अब पाकिस्तान के लिए साख बचाने की लड़ाई होगा।
