BCCI New Rule / घरेलू क्रिकेट में BCCI ने लागू किया ये नया रूल- लिया बड़ा फैसला

बीसीसीआई ने घरेलू सीजन में नया नियम लागू किया है, जिसके तहत मल्टी-डे मैचों में गंभीर चोट की स्थिति में प्लेइंग 11 में रिप्लेसमेंट की अनुमति होगी। चोटिल खिलाड़ी मैच में आगे नहीं खेल सकेगा। अंपायर और मैच रेफरी की मंजूरी से ही रिप्लेसमेंट मान्य होगा।

BCCI New Rule: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आगामी घरेलू सीजन के लिए एक महत्वपूर्ण और नया नियम लागू करने का फैसला किया है। इस नियम के तहत, मल्टी-डे मैचों में किसी खिलाड़ी के गंभीर चोट (सीरियस इंजरी) के कारण मैदान छोड़ने की स्थिति में टीम को प्लेइंग 11 में उसका रिप्लेसमेंट करने की अनुमति होगी। हालांकि, यदि कोई खिलाड़ी इस नियम के तहत रिप्लेस किया जाता है, तो वह उस मुकाबले में दोबारा हिस्सा नहीं ले सकेगा। यह नियम विशेष रूप से रणजी ट्रॉफी जैसे मल्टी-डे प्रारूपों के लिए लागू होगा।

नियम लागू करने की वजह

हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड का दौरा पूरा किया, जहां 5 टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुई। इस सीरीज के चौथे टेस्ट के दौरान भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत बल्लेबाजी करते समय चोटिल हो गए थे। चोट के कारण वे उस मैच में विकेटकीपिंग नहीं कर सके। इस घटना ने गंभीर चोट के मामलों में प्लेइंग 11 में खिलाड़ी को बदलने की मांग को और मजबूत किया। वर्तमान में, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में केवल कनकशन (सिर पर चोट) की स्थिति में ही खिलाड़ी को रिप्लेस करने की अनुमति है। बीसीसीआई ने अब इस नियम को घरेलू क्रिकेट में लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि टीमें ऐसी परिस्थितियों में बेहतर तरीके से सामना कर सकें।

अंपायरों को दी गई विस्तृत जानकारी

बीसीसीआई ने अहमदाबाद में चल रही अंपायरों की वर्कशॉप में इस नए इंजरी रिप्लेसमेंट नियम की विस्तृत जानकारी दी। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह नियम केवल मल्टी-डे मैचों पर लागू होगा। किसी खिलाड़ी को रिप्लेस करने का निर्णय ऑन-फील्ड अंपायर और मैच रेफरी की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा। इस नियम के तहत, खिलाड़ी को गंभीर चोट जैसे गेंद लगने, फ्रैक्चर, या जोड़ खिसकने (डिस्लोकेशन) की स्थिति में ही रिप्लेस किया जा सकेगा, बशर्ते चोट इतनी गंभीर हो कि खिलाड़ी मैच में आगे हिस्सा न ले सके।

नियम की शर्तें और प्रक्रिया

नए नियम के तहत, दोनों टीमों के कप्तानों को टॉस के समय संभावित रिप्लेसमेंट खिलाड़ियों की सूची सौंपनी होगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रिप्लेसमेंट खिलाड़ी उसी भूमिका (जैसे बल्लेबाज, गेंदबाज, या ऑलराउंडर) में हो, जिस खिलाड़ी को वह रिप्लेस कर रहा है। इससे खेल में संतुलन और निष्पक्षता बनी रहेगी। बीसीसीआई का यह कदम घरेलू क्रिकेट में खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल की गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह नया नियम न केवल खिलाड़ियों की चोट से संबंधित चिंताओं को संबोधित करता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि टीमें अप्रत्याशित परिस्थितियों में प्रतिस्पर्धात्मक बनी रहें। बीसीसीआई की इस पहल से घरेलू क्रिकेट में और अधिक पेशेवर दृष्टिकोण देखने को मिलेगा, जो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव डाल सकता है।

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