मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 का पांचवां मुकाबला इंग्लैंड और नेपाल के बीच खेला गया। इस मैच में क्रिकेट प्रशंसकों को एक अभूतपूर्व रोमांच देखने को मिला, जहां नेपाल की टीम ने विश्व चैंपियन इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी। हालांकि, इंग्लैंड ने अंततः यह मुकाबला 4 रन से जीत लिया, लेकिन नेपाल के प्रदर्शन ने वैश्विक क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 184/7 का स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में नेपाल की टीम निर्धारित ओवरों में 180/6 रन ही बना सकी।
इंग्लैंड की पारी: बेथेल और ब्रुक का अर्धशतकीय योगदान
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। टीम की शुरुआत सधी हुई रही, लेकिन मध्यक्रम में जेकब बेथेल और हैरी ब्रुक ने पारी को संभाला। जेकब बेथेल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 35 गेंदों पर 55 रनों की पारी खेली, जिसमें कई दर्शनीय शॉट शामिल थे। कप्तान हैरी ब्रुक ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई और 32 गेंदों पर 53 रन बनाकर टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया। पारी के अंतिम क्षणों में विल जैक्स ने 39 रनों की नाबाद पारी खेलकर इंग्लैंड का स्कोर 184 रनों तक पहुंचाया।
नेपाल की गेंदबाजी: दीपेंद्र सिंह ऐरी और नंदन यादव का प्रभाव
नेपाल के गेंदबाजों ने वानखेड़े की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर भी इंग्लैंड के बल्लेबाजों को लगातार चुनौती दी। दीपेंद्र सिंह ऐरी ने अपनी स्पिन गेंदबाजी से इंग्लैंड के मध्यक्रम को परेशान किया और 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। नंदन यादव ने भी सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट हासिल किए। इसके अलावा, अनुभवी संदीप लामिछाने और शेर मल्ला ने 1-1 विकेट लेकर इंग्लैंड की रन गति पर अंकुश लगाने का प्रयास किया। विश्लेषकों के अनुसार, नेपाल की अनुशासित गेंदबाजी ही थी जिसने इंग्लैंड को 200 के पार जाने से रोका।
नेपाल का साहसी पीछा: लोकेश बाम की विस्फोटक बल्लेबाजी
185 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नेपाल की टीम ने सकारात्मक शुरुआत की। सलामी बल्लेबाज कुशल भुर्तेल ने 29 रनों का योगदान दिया, जबकि दीपेंद्र सिंह ऐरी ने बल्ले से भी जौहर दिखाते हुए 44 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। कप्तान रोहित पौडेल ने 39 रन बनाकर जीत की उम्मीदों को जीवंत रखा। मैच के अंतिम ओवरों में लोकेश बाम ने विध्वंसक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने मात्र 20 गेंदों पर नाबाद 39 रन ठोककर इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचा दी। नेपाल को अंतिम 3 ओवरों में 48 रनों की आवश्यकता थी, जिसे लोकेश ने अपनी बल्लेबाजी से लगभग मुमकिन बना दिया था।
अंतिम ओवर का रोमांच: सैम करन की निर्णायक गेंदबाजी
मैच का फैसला अंतिम ओवर में हुआ। 18वें ओवर में 22 रन और 19वें ओवर में 14 रन बटोरने के बाद, नेपाल को आखिरी 6 गेंदों पर जीत के लिए 10 रनों की दरकार थी। इंग्लैंड के लिए यह ओवर अनुभवी ऑलराउंडर सैम करन ने फेंका। करन ने अपनी विविधताओं और सटीक यॉर्कर का इस्तेमाल करते हुए नेपाल के बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने इस ओवर में केवल 5 रन खर्च किए, जिससे नेपाल की टीम लक्ष्य से मात्र 4 रन दूर रह गई। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, करन का अनुभव और दबाव में शांत रहने की क्षमता इंग्लैंड की जीत का मुख्य कारण बनी।
विश्लेषण और भविष्य की राह
क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार, यह मैच नेपाल क्रिकेट के बढ़ते स्तर का प्रमाण है। वानखेड़े जैसी पिच पर इंग्लैंड जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ 180 रन बनाना और मैच को अंतिम गेंद तक ले जाना नेपाल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। वहीं, इंग्लैंड के लिए यह मैच एक चेतावनी की तरह रहा, जहां उनकी डेथ ओवर गेंदबाजी और मध्यक्रम की निरंतरता पर सवाल उठे हैं। सांख्यिकीय दृष्टि से, इंग्लैंड ने 2 अंक तो हासिल कर लिए हैं, लेकिन नेट रन रेट के मामले में उन्हें आगे के मैचों में और बेहतर प्रदर्शन करना होगा। नेपाल की टीम इस हार के बावजूद अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने में सफल रही है।
