टी-20 वर्ल्ड कप 2024 के एक महत्वपूर्ण मुकाबले में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने टॉस जीतकर भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया है। मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में टॉस की प्रक्रिया के दौरान दोनों कप्तानों की मौजूदगी में खेल की रणनीतियों पर चर्चा हुई। टॉस से ठीक पहले एक भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध संगीतकार ऋषभ शर्मा ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का उत्साहवर्धन किया।
दोनों टीमों की प्लेइंग 11 इस प्रकार है
भारत: ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज।
अमेरिका: सैतेजा मुक्कामल्ला, एंड्रीज गॉस (विकेटकीपर), मोनांक पटेल (कप्तान), मिलिंद कुमार, संजय कृष्णमूर्ति, हरमीत सिंह, शुभम रंजने, मोहम्मद मोहसिन, शैडली वान शल्कविक, सौरभ नेत्रवलकर, अली खान।
ट्रॉफी का अनावरण और उद्घाटन समारोह
मैच की शुरुआत से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव और ICC चेयरमैन जय शाह के साथ भारतीय कप्तान रोहित शर्मा मैदान पर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर पहुंचे। यह क्षण भारतीय प्रशंसकों के लिए विशेष रहा क्योंकि भारत इस टूर्नामेंट में मौजूदा चैंपियन के रूप में अपने खिताब की रक्षा करने उतरा है और वानखेड़े स्टेडियम की दर्शक दीर्घा पूरी तरह से भरी हुई है और घरेलू मैदान पर टीम इंडिया का समर्थन करने के लिए हजारों प्रशंसक जुटे हैं। उद्घाटन समारोह में ऋषभ शर्मा के प्रदर्शन ने खेल के माहौल को और अधिक ऊर्जावान बना दिया।
अमेरिका ने जीता टॉस, चुनी गेंदबाजी
अमेरिका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। भारत पहले बल्लेबाजी करेगा। अमेरिकी कप्तान मोनांक पटेल ने कहा कि उनकी प्लेइंग 11 में छह बल्लेबाज दो ऑलराउंडर और तीन गेंदबाजों को मौका मिला है। वहीं, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि टी20 विश्व कप के पहले मुकाबले में वाशिंगटन सुंदर और संजू सैमसन नहीं खेल रहे हैं। वहीं, बुमराह की तबीयत ठीक नहीं है। उनकी जगह मोहम्मद सिराज को मौका मिला है, जो हर्षित राणा की जगह शुक्रवार को टीम का हिस्सा बने थे।
भारत के लिए खिताब बचाने की चुनौती
भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट ऐतिहासिक महत्व रखता है। क्रिकेट इतिहास में अब तक कोई भी टीम अपने टी-20 वर्ल्ड कप खिताब को सफलतापूर्वक डिफेंड (बचाव) नहीं कर सकी है। रोहित शर्मा के नेतृत्व में भारतीय टीम इस मिथक को तोड़ने के इरादे से मैदान में उतरी है और टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है, ताकि वानखेड़े की उछाल भरी पिच पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआती ओवरों में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
USA टीम का स्वरूप और सौरभ नेत्रावलकर का खतरा
USA की टीम इस बार काफी संतुलित नजर आ रही है। टीम की संरचना पर गौर करें तो इसमें केवल 4 खिलाड़ी ऐसे हैं जिनका जन्म अमेरिका में हुआ है, जबकि शेष 11 खिलाड़ी विभिन्न देशों से आकर वहां बसे हैं। भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रावलकर साबित हो सकते हैं। नेत्रावलकर ने पिछले मुकाबलों में अपनी सटीक लाइन और लेंथ से रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को पावरप्ले के भीतर ही पवेलियन भेजने का कारनामा किया है। उनकी स्विंग गेंदबाजी वानखेड़े की परिस्थितियों में भारतीय शीर्ष क्रम के लिए परीक्षा साबित हो सकती है।
पिच रिपोर्ट और विश्लेषकों का मत
वानखेड़े स्टेडियम की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है, लेकिन शुरुआती ओवरों में यहां तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त गति और उछाल मिलने की संभावना रहती है। खेल विश्लेषकों के अनुसार, टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का USA का फैसला रणनीतिक रूप से सही हो सकता है क्योंकि शाम के समय ओस की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है और विश्लेषकों का मानना है कि यदि भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहती है, तो USA के लिए लक्ष्य का पीछा करना चुनौतीपूर्ण होगा।
