रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के चौथे संस्करण के फाइनल मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराकर दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। 4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ बेंगलुरु ने 2024 के बाद अपना दूसरा खिताब जीता, जबकि दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह लगातार चौथी बार फाइनल में हार का निराशाजनक परिणाम रहा।
मंधाना और जॉर्जिया वोल की ऐतिहासिक साझेदारी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत शानदार रही। कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल ने दिल्ली के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए 92 गेंदों पर 165 रनों की विशाल साझेदारी की। मंधाना ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मात्र 41 गेंदों में 87 रनों की पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक शॉट शामिल थे। हालांकि, वह चिनेल हेनरी की गेंद पर बोल्ड होकर पवेलियन लौटीं, लेकिन तब तक मैच बेंगलुरु की पकड़ में आ चुका था और जॉर्जिया वोल ने भी दूसरे छोर से बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 79 रन बनाए और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।
दिल्ली कैपिटल्स का बल्लेबाजी प्रदर्शन
इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 203 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। दिल्ली की ओर से कप्तान जेमिमा रॉड्रिग्ज ने सर्वाधिक 57 रन बनाए, जिसके लिए उन्होंने 37 गेंदों का सामना किया और 8 चौके लगाए। सलामी बल्लेबाज लिजेल ली ने 37 और शेफाली वर्मा ने 20 रनों का योगदान दिया। मध्यक्रम में लौरा वोल्वार्ट ने 44 रनों की उपयोगी पारी खेली, जबकि चिनेल हेनरी 35 रन बनाकर नाबाद रहीं। दिल्ली की टीम ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरे, जिससे स्कोर 200 के पार पहुंच सका।
आरसीबी की गेंदबाजी और अंतिम ओवरों का रोमांच
आरसीबी की ओर से गेंदबाजी में सयाली साटघरे, नदीन डी क्लर्क और अरुंधति रेड्डी ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए एक-एक विकेट लिया। दिल्ली की एक बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटी। हालांकि दिल्ली ने एक बड़ा स्कोर बनाया था, लेकिन आरसीबी के बल्लेबाजों ने पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाया। 4 ओवर में पूरा कर लिया। दिल्ली के गेंदबाज मंधाना और वोल की जोड़ी को तोड़ने में काफी देर तक असफल रहे, जो अंततः उनकी हार का मुख्य कारण बना।
विश्लेषकों के अनुसार हार और जीत के कारण
खेल विश्लेषकों के अनुसार, दिल्ली कैपिटल्स की हार का सबसे बड़ा कारण उनकी गेंदबाजी में निरंतरता की कमी और महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट न ले पाना रहा। लगातार चार फाइनल हारना टीम के मनोवैज्ञानिक दबाव को भी दर्शाता है और दूसरी ओर, आरसीबी की जीत में स्मृति मंधाना की कप्तानी पारी और जॉर्जिया वोल के साथ उनकी तालमेल ने मुख्य भूमिका निभाई। विश्लेषकों का मानना है कि कोटाम्बी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल थी, जिसका फायदा आरसीबी ने बेहतर तरीके से उठाया।
इस जीत के साथ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने महिला क्रिकेट में अपनी बादशाहत एक बार फिर सिद्ध कर दी है। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह सीजन एक बार फिर उपविजेता के रूप में समाप्त हुआ, जिससे उन्हें अपनी फाइनल की रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता होगी।
