प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए पिछले 10 वर्षों में भारत की विकास यात्रा का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रक्षा, विनिर्माण और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में हुई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारत अब वैश्विक मंच पर एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रहा है और 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
रक्षा निर्यात और विनिर्माण क्षेत्र में ऐतिहासिक वृद्धि
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, वर्ष 2014 के बाद से भारत के रक्षा निर्यात में लगभग 30 गुना की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि भारत की आत्मनिर्भरता और वैश्विक रक्षा बाजार में बढ़ती पैठ को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने विनिर्माण क्षेत्र की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बन चुका है। उन्होंने 2015 की अपनी पिछली यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि उस समय 'मेक इन इंडिया' एक शुरुआती पहल थी, जो अब एक वैश्विक ब्रांड बन चुकी है।
डिजिटल बुनियादी ढांचा और फिनटेक इकोसिस्टम
डिजिटल क्रांति पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। उन्होंने यूपीआई (UPI) प्लेटफॉर्म की सफलता का विशेष उल्लेख किया और बताया कि दुनिया के लगभग आधे रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन अब भारत में हो रहे हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा फिनटेक इकोसिस्टम और तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन गया है, जो देश की नवाचार क्षमता का प्रमाण है।
आर्थिक प्रगति और वैश्विक व्यापारिक संबंध
आर्थिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2014 में दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था और अब यह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और अमेरिका जैसे प्रमुख देशों के साथ हालिया व्यापार समझौतों का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि वर्तमान में 'विश्वास' भारत की सबसे मजबूत मुद्रा बन गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की साख बढ़ी है।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य और प्रवासियों की भूमिका
4 अरब भारतीयों के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि देश 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस यात्रा में भारतीय प्रवासियों को एक महत्वपूर्ण भागीदार बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे प्रवासियों का जन्म कहीं भी हुआ हो, भारत उनके हृदय में बसता है और उनकी सफलता भारत के गौरव को बढ़ाती है। उन्होंने प्रवासियों से भारत की विकास गाथा में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
