AUS vs ENG / सिडनी टेस्ट में बेन स्टोक्स चोटिल, लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर गए, इंग्लैंड की बढ़ी चिंता

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवें एशेज टेस्ट के चौथे दिन चोटिल हो गए। गेंदबाजी करते समय उन्हें दाहिनी मांसपेशी में दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। यह पिछले 18 महीनों में उनकी चौथी चोट है, जिससे इंग्लैंड खेमे में चिंता बढ़ गई है।

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज का पांचवां और। अंतिम टेस्ट मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। इस महत्वपूर्ण मुकाबले के चौथे दिन इंग्लैंड के कप्तान और प्रमुख ऑलराउंडर बेन स्टोक्स को चोट लग गई, जिसके बाद उन्हें अचानक मैदान छोड़ना पड़ा। स्टोक्स को लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर जाते देखा गया, जिससे इंग्लैंड टीम के लिए एक बड़ी चिंता खड़ी हो गई है और यह घटना तब हुई जब इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रही थी, और स्टोक्स की अनुपस्थिति का टीम के प्रदर्शन पर गहरा असर पड़ सकता है।

चोट का विस्तृत विवरण

बेन स्टोक्स को यह चोट मैच के चौथे दिन गेंदबाजी करते समय लगी और वह अपने स्पेल का 28वां ओवर फेंक रहे थे और उस ओवर की चौथी गेंद डालने के बाद उन्हें दाहिनी मांसपेशी में तेज दर्द महसूस हुआ। दर्द इतना गंभीर था कि वह तुरंत गेंदबाजी रोककर ड्रेसिंग रूम की ओर चले गए। उस समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर पहली पारी में 7 विकेट के नुकसान पर 523 रन था और वे इंग्लैंड से 139 रन की बढ़त पर थे। स्टोक्स के चोटिल होने के बाद, जैकब बेथेल ने उनके अधूरे ओवर को पूरा किया। स्टोक्स का मैदान से बाहर जाना इंग्लैंड के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर ऐसे समय में जब टीम को उनकी ऑलराउंड क्षमता की सबसे ज्यादा जरूरत है।

ECB द्वारा दी गई जानकारी

इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने बेन स्टोक्स की चोट को लेकर तत्काल जानकारी दी। ECB के एक प्रवक्ता ने बताया कि बेन स्टोक्स की। दाहिनी एडक्टर की समस्या के लिए जांच की जा रही है। बोर्ड ने यह भी कहा कि वे जल्द ही स्टोक्स की चोट पर और अपडेट देंगे। इस बीच, स्टोक्स की गैरमौजूदगी में, उपकप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैरी ब्रूक ने मैदान पर टीम की कप्तानी का जिम्मा संभाला। यह स्थिति इंग्लैंड के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि स्टोक्स न केवल एक कप्तान के रूप में बल्कि एक प्रमुख गेंदबाज और बल्लेबाज के रूप में भी टीम के लिए महत्वपूर्ण हैं और उनकी चोट की गंभीरता और वापसी की समय-सीमा पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

बेन स्टोक्स का चोटिल इतिहास

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बेन स्टोक्स पिछले कुछ समय से लगातार चोटों से जूझ रहे हैं। पिछले 18 महीनों में यह उन्हें लगी चौथी चोट है, और यह लगातार चौथी सीरीज है जिसमें वह चोटिल हुए हैं। अगस्त में, उन्हें द हंड्रेड टूर्नामेंट के दौरान दाहिनी हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी,। जिसके कारण वह 2024 में श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज में नहीं खेल पाए थे। इसी चोट की वजह से उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से भी बाहर होना पड़ा था। दिसंबर 2024 में, न्यूजीलैंड दौरे पर इंग्लैंड की टीम के तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच में उन्हें फिर से दाहिनी हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। पिछले साल, वह दाहिने कंधे की चोट के कारण भारत के खिलाफ पांचवें टेस्ट से भी बाहर हो गए थे। यह लगातार चोटें उनके करियर के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।

एशेज सीरीज में स्टोक्स का प्रदर्शन

इस एशेज टेस्ट सीरीज में बेन स्टोक्स इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने पर्थ में खेले गए टेस्ट मैच की पहली पारी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 23 रन देकर 5 विकेट झटके थे, जिससे सीरीज में उनकी शुरुआत बेहद प्रभावशाली रही थी। वह अब तक इस सीरीज में 25. 13 की औसत से कुल 15 विकेट ले चुके हैं, जो उन्हें इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाता है। हालांकि, बल्लेबाजी में वह कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। हैं और उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह सिडनी टेस्ट मैच की दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर पाएंगे या नहीं और उनकी बल्लेबाजी क्षमता इंग्लैंड के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, खासकर यदि टीम को बड़े लक्ष्य का पीछा करना पड़े या मैच बचाने की जरूरत हो। उनकी अनुपस्थिति से टीम का संतुलन बिगड़ सकता है।

आगे की राह और इंग्लैंड की चिंताएं

बेन स्टोक्स की चोट ने इंग्लैंड के खेमे में गहरी चिंता पैदा कर दी है। एक ऐसे खिलाड़ी का चोटिल होना, जो टीम का कप्तान होने के साथ-साथ एक प्रमुख ऑलराउंडर भी है, किसी भी टीम के लिए बड़ा झटका होता है और उनकी चोट की गंभीरता और ठीक होने में लगने वाला समय इंग्लैंड के आगामी मैचों और सीरीज की योजनाओं को प्रभावित कर सकता है। टीम को उम्मीद होगी कि उनकी चोट गंभीर न हो और वह जल्द से जल्द मैदान पर वापसी कर सकें। सिडनी टेस्ट में उनकी अनुपस्थिति से इंग्लैंड को न केवल गेंदबाजी में बल्कि बल्लेबाजी में भी नुकसान होगा, जिससे मैच का परिणाम प्रभावित हो सकता है।