IND vs AUS / BGT के सिडनी टेस्ट से पहले आई बड़ी खबर, ये दिग्गज खिलाड़ी होगा बाहर?

सिडनी टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलिया टीम पूरी तैयारी में जुटी है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 का आखिरी मैच WTC फाइनल के लिए अहम है। मिचेल स्टार्क की फिटनेस चिंता का विषय है। पिच के अनुसार प्लेइंग-11 तय होगी। ऑस्ट्रेलिया ट्रॉफी जीतने या ड्रॉ करने पर इतिहास रच सकता है।

IND vs AUS: मेलबर्न टेस्ट में धमाकेदार जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम अब सिडनी टेस्ट की तैयारियों में जुट गई है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के इस आखिरी और निर्णायक टेस्ट मैच का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह मुकाबला न सिर्फ ट्रॉफी के विजेता का निर्धारण करेगा बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में पहुंचने की राह भी तय करेगा।

ऑस्ट्रेलिया के सामने बड़ा मौका

ऑस्ट्रेलिया की टीम 2-1 की बढ़त के साथ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में आगे है। अगर सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया जीत दर्ज करता है या मुकाबला ड्रॉ करवा लेता है, तो 2014-15 के बाद पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी उसके नाम होगी। दूसरी ओर, भारत को इस मुकाबले में जीत दर्ज करनी होगी ताकि ट्रॉफी को बरकरार रखा जा सके और WTC के फाइनल में अपनी स्थिति मजबूत कर सके।

मिचेल स्टार्क की फिटनेस: चिंता और उम्मीद

सिडनी टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए मिचेल स्टार्क की फिटनेस एक बड़ा सवाल बन गई है। मेलबर्न टेस्ट के दौरान स्टार्क पसली की चोट से जूझ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए विराट कोहली का महत्वपूर्ण विकेट लिया।

ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने स्टार्क की प्रशंसा करते हुए कहा, "चोट के बावजूद उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया। हालांकि, उनकी रिकवरी पर नजर रखी जा रही है।" अगर स्टार्क सिडनी टेस्ट के लिए फिट नहीं होते हैं, तो झाय रिचर्डसन या सीन एबोट को मौका दिया जा सकता है।

पिच और प्लेइंग-11 का समीकरण

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) की पिच को देखते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन प्लेइंग-11 का फैसला करेगा। कोच मैकडोनाल्ड ने कहा कि पिच के व्यवहार के आधार पर टीम संयोजन में बदलाव संभव है। ऑस्ट्रेलिया के पास स्टार्क की जगह लेने के लिए विकल्प मौजूद हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी टीम की ताकत को बढ़ा सकती है।

भारत के लिए करो या मरो की स्थिति

भारत के लिए यह मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं है। सीरीज के पहले टेस्ट में जीत दर्ज करने के बाद टीम ने मजबूत शुरुआत की थी, लेकिन मेलबर्न में मिली हार ने दबाव बढ़ा दिया है। कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है, क्योंकि टीम को सिडनी में अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करना होगा।

कैसे पहुंची ट्रॉफी इस मुकाम तक?

  • पहला टेस्ट (पर्थ): भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।
  • दूसरा टेस्ट (एडिलेड): ऑस्ट्रेलिया ने जोरदार वापसी करते हुए सीरीज बराबर की।
  • तीसरा टेस्ट (गाबा): मुकाबला रोमांचक रहा और ड्रॉ पर खत्म हुआ।
  • चौथा टेस्ट (मेलबर्न): ऑस्ट्रेलिया ने शानदार जीत के साथ बढ़त बनाई।

सिडनी में इतिहास रचने का मौका

सिडनी टेस्ट का नतीजा तय करेगा कि क्या ऑस्ट्रेलिया ट्रॉफी को वापस हासिल कर पाएगा या भारत अपनी बादशाहत कायम रखेगा। दोनों टीमें अपनी-अपनी ताकत और कमजोरियों के साथ मैदान पर उतरेंगी।

यह मुकाबला न केवल खिलाड़ियों के लिए, बल्कि फैंस के लिए भी बेहद रोमांचक होगा। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब सिडनी पर टिकी हैं, जहां क्रिकेट इतिहास का नया अध्याय लिखा जाएगा।

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