बिहार के लालगंज में निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर गिरा, हादसे में 8 मजदूर घायल

वैशाली के लालगंज में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे पुल का लॉन्चर गिरने से 8 मजदूर घायल हो गए हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर है।

बिहार के वैशाली जिले के लालगंज में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर अचानक गिर गया। यह दुर्घटना भारतमाला परियोजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे एनएच 139डब्ल्यू फोरलेन पथ पर हुई। इस हादसे में लॉन्चर की चपेट में आने से कुल 8 मजदूर घायल हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इनमें से 2 मजदूरों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिसके कारण इलाके में हड़कंप मच गया है। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और राहत कार्य शुरू किया गया।

लालगंज में निर्माण कार्य के दौरान हादसा

वैशाली के लालगंज में एनएच 139डब्ल्यू के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा था। गुरुवार को जब मजदूर अपने काम में जुटे थे, तभी अचानक पुल का भारी-भरकम लॉन्चर नीचे गिर गया और लॉन्चर के गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई और काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। हादसे की खबर मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य में मदद करना शुरू किया। यह परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन इस हादसे ने निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है।

मशीन से लोहा काटकर निकाला गया युवक का पैर

इस हादसे के दौरान एक बेहद दर्दनाक स्थिति देखने को मिली, जब एक युवक का पैर भारी लोहे के ढांचे के नीचे दब गया। युवक दर्द से कराह रहा था और उसे राहत देने के लिए उसके सिर पर पानी डाला जा रहा था ताकि वह होश में रहे। लोहे का वजन इतना अधिक था कि उसे सामान्य तरीके से हटाना संभव नहीं था और अंततः, बचाव दल ने मशीन मंगवाई और लोहे को काटकर युवक के पैर को बाहर निकाला। इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने वहां मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया।

अस्पताल में भर्ती और गंभीर घायलों का रेफरल

हादसे के तुरंत बाद सभी 8 घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए लालगंज के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने 6 घायलों का प्राथमिक उपचार किया और उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, 2 मजदूरों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर कर दिया गया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग घायलों को हर संभव सहायता प्रदान करने में जुटे हैं।

सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल

निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर गिरने की इस घटना ने निर्माण कार्य के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इतना बड़ा हादसा कैसे हुआ। क्या यह तकनीकी खराबी थी या सुरक्षा नियमों की अनदेखी, इसकी गहन जांच की जा रही है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को लेकर अब सवाल उठाए जा रहे हैं।

पूर्णिया में भी हुआ था ऐसा ही हादसा

बिहार में पुल गिरने या टूटने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले हाल ही में पूर्णिया जिले में भी एक पुल टूट गया था। वह हादसा अमौर प्रखंड के तियरपाड़ा पंचायत स्थित आसियानी डगरा घाट पर हुआ था, जहां गिट्टी से लदा एक ट्रक गुजरते ही पुराना और जर्जर लोहे का पुल भरभरा कर गिर गया था। उस घटना में ट्रक सीधे नदी में समा गया था। राज्य में लगातार हो रहे इस तरह के हादसों ने बुनियादी ढांचे की मजबूती और निर्माण की गुणवत्ता पर चिंता बढ़ा दी है।