बिहार विधानपरिषद चुनाव: महागठबंधन में दरार, 8 में से 4 सीटों पर राजद और कांग्रेस आमने-सामने

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव से पहले महागठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस और राजद के बीच 4 सीटों पर सीधा मुकाबला होने जा रहा है, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है क्योंकि आगामी बिहार विधान परिषद चुनावों से पहले महागठबंधन के भीतर दरार साफ नजर आने लगी है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों पर होने वाले इस चुनाव ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के बीच के मतभेदों को सतह पर ला दिया है। सीटों के तालमेल को लेकर बनी अनिश्चितता अब एक खुले मुकाबले में बदल गई है, जहां 8 में से 4 सीटों पर दोनों दल एक-दूसरे के सामने खड़े हैं। यह स्थिति राज्य की राजनीति में महागठबंधन के भविष्य और उसकी एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

चुनाव कार्यक्रम और महत्वपूर्ण तिथियां

निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इन 8 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतों की गणना की जाएगी और परिणामों की घोषणा होगी। चुनाव की प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके अगले दिन, यानी 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, उनके लिए 9 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। यह चुनाव उन सीटों के लिए हो रहा है जिनका कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है।

उम्मीदवारों की सूची और सीधा मुकाबला

महाठबंधन के भीतर सीटों की तस्वीर तब उलझ गई जब कांग्रेस ने 5 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इनमें से 4 सीटें ऐसी हैं जहां राजद ने पहले ही अपने प्रत्याशी उतार दिए थे। कांग्रेस द्वारा जारी की गई सूची में दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ मदन मोहन झा को उम्मीदवार बनाया गया है। कोसी स्नातक सीट से मनोज कुमार जायसवाल कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे। दरभंगा स्नातक सीट के लिए रजनीकांत पाठक के नाम की घोषणा की गई है। इसके अलावा, पटना शिक्षक सीट से डॉ संजय यादव और पटना स्नातक सीट से डॉ असदुल्लाह खान को मैदान में उतारा गया है।

दूसरी ओर, राजद ने भी इन क्षेत्रों में अपने मजबूत दावेदार पेश किए हैं। पटना शिक्षक सीट पर राजद की ओर से डॉ संजीव कुमार सिंह चुनाव लड़ेंगे। पटना स्नातक सीट के लिए दिलीप कुमार को टिकट दिया गया है। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नीतेश कुमार राजद के उम्मीदवार हैं, जबकि दरभंगा स्नातक सीट पर अनिल कुमार झा को प्रत्याशी बनाया गया है। इन 4 सीटों—पटना शिक्षक, पटना स्नातक, कोसी स्नातक और दरभंगा स्नातक—पर अब राजद और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।

गठबंधन में तकरार और एनडीए का हमला

उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही महागठबंधन के दोनों प्रमुख सहयोगियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस के नेताओं ने राजद पर एकतरफा फैसला लेने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राजद को अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित करने से पहले गठबंधन के साथी के तौर पर कांग्रेस से चर्चा करनी चाहिए थी। कांग्रेस का मानना है कि इन क्षेत्रों में उनका जनाधार मजबूत है और उन्हें नजरअंदाज करना गठबंधन के धर्म के खिलाफ है। इस राजनीतिक खींचतान का फायदा उठाने में एनडीए भी पीछे नहीं है। एनडीए के नेताओं ने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह गठबंधन केवल स्वार्थ पर आधारित है और इनके पास कोई साझा नीति नहीं है। इन 8 सीटों के नतीजे बिहार की भविष्य की राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले इस चुनाव में मतदाता काफी जागरूक होते हैं।