इंडिया / बम्पर छूट : राजस्थान में खादी पर मिलेगी पचास प्रतिशत छूट, जानें क्यों

Zoom News : Sep 19, 2019, 03:14 PM
जयपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर राजस्थान में खादी पर पचास प्रतिशत छूट मिलेगी। इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 2 अक्टूबर से आयोजित होने वाले गांधी सप्ताह में राज्य व जिला स्तर पर अधिक से अधिक जनभागीदारी हो। उन्होंने कहा कि गांधी दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जयंती कार्यक्रमों को 2 अक्टूबर, 2020 तक बढ़ाया है। आगामी एक वर्ष तक होने वाले इन कार्यक्रमों सहित गांधी सप्ताह के आयोजनों में विभिन्न विभागों के साथ-साथ स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं, खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थाओं सहित आमजन को व्यापक रूप से जोड़ा जाएगा। 

गहलोत ने बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले गांधी सप्ताह के आयोजनों की तैयारी की समीक्षा करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के 150वें जयन्ती के इस उपलक्ष्य में राज्य में खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी संस्थाओं को संबल देने एवं आम जनता में खादी के प्रति आस्था को देखते हुए 2 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक उनके उत्पादों की बिक्री पर छूट को वर्तमान 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया जाएगा। उन्होंनेे कहा कि बापू का पूरा जीवन खादी एवं स्वच्छता को समर्पित रहा है। ऎसे में सरकार के इस निर्णय से खादी संस्थाओं और इनसे जुड़े बुनकरों एवं कारीगरों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने खादी उत्पादों के विपणन को प्रोत्साहन देने के लिए गांधी जयंती आयोजनों की श्रृंखला में इनकी बड़ी प्रदर्शनियां आयोजित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि 2 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में गांधी सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इनमें राष्ट्रपिता के जीवन दर्शन पर आधारित महिला सशक्तीकरण, स्वच्छता, ग्राम स्वराज, सामाजिक उत्थान, अहिंसा, खादी प्रदर्शनी एवं सर्वधर्म समभाव को प्रोत्साहन देने वाले राज्य स्तरीय तथा सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस सप्ताह के तहत 2 से 4 अक्टूबर तक जयपुर में राज्य स्तरीय तथा जिलों में 2 से 9 अक्टूबर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इन आयोजनों की सफलता के लिए सभी विभागों से आपसी समन्वय से कार्य करने के भी निर्देश दिए हैं।

बैठक में गृह, कला एवं संस्कृति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, कार्मिक, उद्योग, स्थानीय स्वशासन, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, महिला एवं बाल विकास, जयपुर विकास प्राधिकरण, शिक्षा आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।