राजस्थान विधानसभा सत्र: होली के बाद कार्यवाही शुरू, महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पेश

राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही होली के अवकाश के बाद 5 मार्च से पुनः शुरू होगी। इस सत्र में पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों की अयोग्यता समाप्त करने वाले महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पेश किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त जन विश्वास और वाणिज्यिक संस्थानों से जुड़े बिलों पर भी चर्चा होगी।

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र होली के अवकाश के बाद 5 मार्च से पुनः शुरू होने जा रहा है। 27 फरवरी को स्थगित की गई सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11:00 बजे प्रश्नकाल के साथ प्रारंभ होगी। इस सत्र के दौरान राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी बदलावों को सदन के पटल पर रखने की तैयारी में है। अधिकारियों के अनुसार, सदन की बैठक में जनहित और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

दो बच्चों की बाध्यता समाप्त करने वाले संशोधन विधेयक

इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों से संबंधित नियमों में बदलाव है। वर्तमान नियमों के अनुसार, दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माने जाते हैं। राज्य सरकार इस बाध्यता को हटाने के लिए संशोधन विधेयक पेश करेगी। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर पंचायती राज संशोधन विधेयक और नगरीय विकास (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा नगरपालिका संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत करेंगे। यह कदम स्थानीय निकाय चुनावों में भागीदारी के दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

जन विश्वास और वाणिज्यिक संस्थान विधेयक पर चर्चा

विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार, राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक 2026 पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इस विधेयक का उद्देश्य विभिन्न प्रावधानों में सुधार कर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना है और इसके साथ ही, राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक संस्थान (संशोधन) विधेयक 2026 को भी सदन में चर्चा के लिए लाया जाएगा। इन दोनों विधेयकों को चर्चा के उपरांत पारित कराए जाने की संभावना है। सरकार इन संशोधनों के माध्यम से व्यापारिक सुगमता और विधिक स्पष्टता सुनिश्चित करना चाहती है।

सदन की समय-सारणी और प्रश्नकाल

गुरुवार को सदन की कार्यवाही सुबह 11:00 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े तारांकित और अतारांकित प्रश्नों के उत्तर दिए जाएंगे। इसके बाद शून्यकाल के दौरान लोक महत्व के विषयों पर ध्यान आकर्षित किया जाएगा। विधायी कार्यों के लिए निर्धारित समय के अनुसार, 6 मार्च तक का कामकाज पहले ही तय किया जा चुका है। विपक्षी दलों द्वारा भी विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की गई है, जिससे सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं।

कार्य मंत्रणा समिति और आगामी कार्यक्रम

विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की सिफारिशों के आधार पर सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि कार्यसूची में विस्तार होता है, तो पंचायती राज और नगरपालिका संशोधन विधेयकों को 9 मार्च को पारित कराया जा सकता है। सरकार की प्राथमिकता इन संशोधनों को जल्द से जल्द कानूनी रूप देने की है ताकि आगामी स्थानीय चुनावों में नए नियम प्रभावी हो सकें। सदन में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन और अन्य वित्तीय विधेयकों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।