चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा शाखा ने जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने प्रदेश में संचालित विभिन्न रिटेल आउटलेट्स और बाजारों में बिकने वाले 17 अलग-अलग ब्रांड के उत्पादों की बिक्री, भंडारण और प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सोमवार को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इन उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला जांच में 'असुरक्षित' (Unsafe) पाए गए हैं और इस प्रतिबंध की अवधि फिलहाल दो महीने निर्धारित की गई है। प्रतिबंधित उत्पादों की सूची में देसी घी, चाय पत्ती, हल्दी, रोस्टेड चना, नमकीन और मिठाइयां शामिल हैं।
घी के 10 प्रमुख ब्रांडों पर लगा प्रतिबंध
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई में सबसे अधिक गाज देसी घी के ब्रांडों पर गिरी है। कुल 17 प्रतिबंधित उत्पादों में से 10 केवल घी के ब्रांड हैं। इन ब्रांडों का निर्माण हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के विभिन्न जिलों में किया जा रहा था। विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, मैसर्स आरडी इंडस्ट्रीज, जींद (हरियाणा) का 'श्री डेयरी प्रीत' घी, मैसर्स गिरधर मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड, पानीपत (हरियाणा) का 'हरियाणा फॉर्म' घी और मैसर्स कृष्णा फूड प्रोडक्शन, झज्जर (हरियाणा) का 'श्री डेयरी ब्राइट' घी असुरक्षित पाया गया है। इसके अतिरिक्त, जोधपुर के लूणी स्थित मैसर्स धेनुश्री डेयरी प्रोडक्ट्स का 'धेनु सरस' घी और भिवानी (हरियाणा) की प्रथम ट्रेडिंग कंपनी का 'ईजी डेयरी' घी भी प्रतिबंध के दायरे में है।
पंजाब और राजस्थान की अन्य घी इकाइयां
प्रतिबंध की सूची में पंजाब के मुक्तसर स्थित मैसर्स मारुति एग्रो इंडस्ट्रीज का 'भोग विनायक' घी और भिवानी (हरियाणा) की प्रगति फूड प्रोडक्ट्स का 'हरियाणा क्रीम' घी भी शामिल है। राजस्थान के पाली जिले से मैसर्स श्याम मिल्क फूड प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित 'श्री भैरव सरस' घी के नमूनों को भी मानकों पर खरा नहीं पाया गया है और इसके अलावा, हिसार (हरियाणा) के मैसर्स राम फ़ूड प्रोडक्ट का 'जय श्री कृष्णा' घी और पानीपत के जलपर स्थित गिरधर मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड का 'डेयरी पंजाब' घी भी अगले दो महीनों तक बाजार में नहीं बेचा जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, इन उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
नमकीन, मिठाई और चाय पर विभागीय कार्रवाई
घी के अलावा, दैनिक उपयोग की कई अन्य खाद्य वस्तुओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया है और बीकानेर की मैसर्स रस रसना फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित 'केसर बाटी', जो बाजार में 'युवराज बीकानेर' के नाम से लोकप्रिय है, को असुरक्षित घोषित किया गया है। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित मैसर्स शिवशक्ति टी ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड की 'बंगाल गोल्ड' चाय पत्ती और बीकानेर की मैसर्स नगद नारायण फूड्स की रंग-बिरंगी टॉफी (शुगर बॉयल्ड कंफेक्शनरी) पर भी रोक लगाई गई है। भरतपुर की मैसर्स श्री साई मसाले वाला की हल्दी और इंदौर स्थित मैसर्स बालाजी वेफर्स प्राइवेट लिमिटेड की 'तीखा मीठा मिक्स' नमकीन को भी जांच के बाद प्रतिबंधित कर दिया गया है।
रिटेल स्टोर्स और अंतर-राज्यीय समन्वय
विभागीय जांच में यह भी सामने आया है कि प्रतिबंधित उत्पादों में से कुछ प्रमुख रिटेल चेन जैसे रिलायंस रिटेल स्टोर पर भी उपलब्ध थे। गुरुग्राम (हरियाणा) की मैसर्स आरके कंपनी द्वारा निर्मित 'स्नेक टेक' ब्रांड के रोस्टेड चने, जो रिलायंस रिटेल स्टोर पर बेचे जा रहे थे, उन्हें भी असुरक्षित पाया गया है। खाद्य सुरक्षा विंग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन उत्पादों का निर्माण अन्य राज्यों में हो रहा है, वहां के संबंधित खाद्य सुरक्षा विभागों को औपचारिक पत्र लिखे गए हैं। इन पत्रों के माध्यम से निर्माण इकाइयों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। स्थानीय स्तर पर सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि ये उत्पाद किसी भी दुकान या स्टोर पर प्रदर्शित न हों।
