NCS पोर्टल पर नौकरियों की बौछार: लेबर मिनिस्ट्री ने की बड़ी डील

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल को मजबूत करने के लिए पोर्टर और गिगिन टेक्नोलॉजीज के साथ समझौता किया है। इस साझेदारी का लक्ष्य 2030 तक 30 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना और डिजिटल जॉब मैचिंग को बेहतर बनाना है।

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल की प्रभावशीलता और पहुंच को बढ़ाने के लिए दो प्रमुख निजी क्षेत्र की कंपनियों, पोर्टर (Porter) और गिगिन टेक्नोलॉजीज (Gigin Technologies) के साथ समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पहल सरकार के उस विजन का हिस्सा है जिसके तहत NCS को नौकरी खोजने वालों और नियोक्ताओं के लिए एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन समझौतों पर केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में 30 लाख नए अवसरों का लक्ष्य

मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, स्मार्टशिफ्ट लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (Porter) के साथ हुई साझेदारी से लॉजिस्टिक्स और ड्राइविंग के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। पोर्टर एक प्रमुख टेक्नोलॉजी-आधारित गुड्स ट्रांसपोर्ट एजेंसी है जो शहरी लॉजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करती है। इस समझौते का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2030 तक 30 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है। यह साझेदारी विशेष रूप से उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण होगी जो परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

गिगिन टेक्नोलॉजीज के साथ वेरिफाइड रोजगार

गिगिन टेक्नोलॉजीज के साथ हुए समझौते के तहत हर साल 2-3 लाख वेरिफाइड रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान लगाया गया है। गिगिन एक मल्टी-साइडेड टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के रूप में कार्य करता है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वेरिफिकेशन इंटेलिजेंस का उपयोग करता है। 5 लाख से अधिक नए नियोक्ता जुड़ेंगे। मंत्रालय का उद्देश्य AI-आधारित मैचिंग के जरिए नौकरी चाहने वालों को उनकी योग्यता के अनुसार सही और सुरक्षित अवसर प्रदान करना है।

NCS पोर्टल की वर्तमान स्थिति और सक्रिय रिक्तियां

केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने पोर्टल की प्रगति पर जानकारी देते हुए बताया कि NCS प्लेटफॉर्म वर्तमान में युवाओं के लिए एक प्रभावी 'वन-स्टॉप सॉल्यूशन' बन चुका है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, पोर्टल पर 7 लाख से अधिक सक्रिय रिक्तियां उपलब्ध हैं। इसके अलावा, लगभग 59 लाख संस्थानों ने NCS पर अपना पंजीकरण कराया है। मंत्री ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म न केवल नौकरी खोजने में मदद कर रहा है, बल्कि नियोक्ताओं को भी उनकी जरूरतों के अनुसार सही प्रतिभा खोजने में सक्षम बना रहा है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का एकीकरण और विस्तार

सरकार NCS पोर्टल के दायरे को बढ़ाने के लिए इसे अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकृत कर रही है। मंत्री मंडाविया ने जोर दिया कि NCS को ई-माइग्रेट (e-Migrate), SIDH और 'माई भारत' (My Bharat) प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न राज्यों के रोजगार पोर्टल्स के साथ भी इसका एकीकरण किया जा रहा है। इस व्यापक एकीकरण का उद्देश्य एक ऐसा विशाल नेटवर्क तैयार करना है जो देश के हर कोने में मौजूद नौकरी चाहने वालों तक पहुंच सके और उन्हें पारदर्शी तरीके से अवसर प्रदान करे।

कौशल विकास और सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग पर जोर

श्रम मंत्रालय ने उद्योग की जरूरतों और उम्मीदवारों के कौशल के बीच के अंतर को कम करने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। मंत्री ने पोर्टर और गिगिन टेक्नोलॉजीज से आग्रह किया है कि वे NCS के साथ मिलकर पंजीकृत उम्मीदवारों को 'सॉफ्ट स्किल्स' की ट्रेनिंग प्रदान करें। उन्होंने सुझाव दिया कि कम अवधि के विशेष ट्रेनिंग कोर्स डिजाइन किए जाने चाहिए जो सीधे तौर पर बाजार की मांग से जुड़े हों। इससे युवाओं की रोजगार पाने की क्षमता में वृद्धि होगी और वे आधुनिक कार्यक्षेत्र की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे।