नोएडा हिंसा: पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द, सीएम योगी ने बनाई हाई-लेवल कमेटी

नोएडा के फेज 2 में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन ने सभी छुट्टियां रद्द कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर औद्योगिक शांति बहाल करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है जो श्रमिकों की मांगों पर विचार करेगी।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है और गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने तत्काल प्रभाव से सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। आधिकारिक आदेश के अनुसार, जो पुलिसकर्मी वर्तमान में छुट्टी पर हैं, उन्हें तुरंत ड्यूटी पर लौटने और अपनी तैनाती के स्थानों पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्णय क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

फेज 2 में हिंसा और आगजनी का घटनाक्रम

नोएडा के फेज 2 स्थित औद्योगिक क्षेत्र में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कई निजी वाहनों में तोड़फोड़ की और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मदरसन कंपनी के पास स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण रही, जहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की एक गाड़ी को निशाना बनाया। भीड़ ने पुलिस वाहन में तोड़फोड़ करने के बाद उसे पलट दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है।

फैक्ट्री मालिकों ने सुरक्षा कारणों से की तालाबंदी

हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं से डरे हुए कई फैक्ट्री मालिकों ने अपनी इकाइयों को अनिश्चित काल के लिए बंद करने का निर्णय लिया है। उद्यमियों का कहना है कि अराजक तत्वों ने न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि फैक्ट्री स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट भी की। कई कर्मचारियों के घायल होने की खबरें हैं और फैक्ट्री मालिकों के अनुसार, जब तक कार्यस्थल पर सुरक्षा का पूर्ण आश्वासन नहीं मिलता, तब तक परिचालन फिर से शुरू करना संभव नहीं है। इस तालाबंदी से औद्योगिक उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।

सीएम योगी के निर्देश पर उच्च स्तरीय समिति का गठन

गौतम बुद्ध नगर में उत्पन्न हुई औद्योगिक अशांति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर औद्योगिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों और प्रबंधन के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करना है और समिति में अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई), प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन), और श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं।

श्रमिकों की प्रमुख मांगें और प्रशासनिक बैठक

गठित समिति ने जनपद की विभिन्न कंपनियों के श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक शुरू कर दी है। इस बैठक में मंडलायुक्त मेरठ, जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और श्रमिकों ने समिति के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें न्यूनतम वेतन में वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश की अनिवार्यता, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान और कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना शामिल है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी जायज मांगों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा और औद्योगिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।