चूरू: ट्रक ड्राइवर से मारपीट के मामले में आरटीओ इंस्पेक्टर निलंबित

राजस्थान के चूरू जिले में एक ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट करने के आरोप में परिवहन निरीक्षक सुरेश बिश्नोई को निलंबित कर दिया गया है। सुजानगढ़ में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने पीड़ित ड्राइवर की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।

राजस्थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ में रविवार सुबह एक परिवहन निरीक्षक (आरटीओ इंस्पेक्टर) द्वारा ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। इस घटना में ट्रक ड्राइवर के सिर पर चोट लगने से वह घायल हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद परिवहन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी निरीक्षक सुरेश बिश्नोई को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित ड्राइवर की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

घटना का विवरण और वायरल वीडियो

यह घटना रविवार सुबह सुजानगढ़ क्षेत्र में घटित हुई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में परिवहन निरीक्षक सुरेश कुमार बिश्नोई को एक ट्रक ड्राइवर के साथ तीखी बहस करते हुए देखा जा सकता है। बहस के दौरान, निरीक्षक ने अचानक अपने सिर से ड्राइवर के चेहरे पर प्रहार किया। इस हमले के कारण ड्राइवर की आंख के पास गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना का वीडियो बना लिया, जिसमें अधिकारी का व्यवहार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

पीड़ित ड्राइवर का बयान और आरोप

पीड़ित ड्राइवर की पहचान 24 वर्षीय एहसान अहमद के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का निवासी है। एहसान ने बताया कि वह ट्रक में सामान भरकर उत्तर प्रदेश के भदोही की ओर जा रहा था। ड्राइवर के अनुसार, आरटीओ निरीक्षक ने उसे रोककर मारपीट की और अपशब्दों का प्रयोग किया। एहसान ने आरोप लगाया कि जब उसने निरीक्षक को बताया कि उसका रोजा है, तो अधिकारी और अधिक उत्तेजित हो गए और उन पर हमला कर दिया और ड्राइवर ने पुलिस को दी गई शिकायत में शारीरिक शोषण और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।

विभाग की त्वरित कार्रवाई और निलंबन

घटना की जानकारी और वीडियो साक्ष्य सामने आने के बाद, परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और रविवार शाम को विभाग ने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए परिवहन निरीक्षक सुरेश बिश्नोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभाग के अनुसार, एक लोक सेवक का ऐसा आचरण सेवा नियमों के विरुद्ध है और इसकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए निलंबन की कार्रवाई की गई है। जांच पूरी होने तक निरीक्षक को मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया

सुजानगढ़ पुलिस ने पीड़ित ड्राइवर एहसान अहमद की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ड्राइवर का मेडिकल परीक्षण कराया गया है ताकि चोटों की गंभीरता का आकलन किया जा सके। पुलिस अब मौके पर मौजूद गवाहों के बयान दर्ज कर रही है और वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया गया है और अधिकारियों के अनुसार, कानून के प्रावधानों के तहत आरोपी निरीक्षक के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का विरोध और प्रतिक्रिया

घटना के तुरंत बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब निरीक्षक ने घायल ड्राइवर को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, तो स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध जताया। लोगों ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों का व्यवहार अक्सर चालकों के प्रति आक्रामक रहता है। आक्रोशित भीड़ को देखते हुए निरीक्षक को मौके से अपनी गाड़ी में बैठकर जाना पड़ा। स्थानीय व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने भी सरकारी अधिकारियों द्वारा इस तरह के व्यवहार की निंदा की है।