झुंझुनूं जिले के गांव बाडेट की पुत्रवधू और राजकीय लोहिया महाविद्यालय, चुरू में भौतिक शास्त्र की सहायक आचार्य श्रीमती सुचित्रा माँझू ने शैक्षणिक क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने उन्हें भौतिक शास्त्र (Physics) विषय में पीएचडी की उपाधि से नवाजा है और डॉ. सुचित्रा माँझू ने अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर विज्ञान के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
शोध का मुख्य विषय और मार्गदर्शन
डॉ. सुचित्रा माँझू ने अपना शोध कार्य "इन्वेस्टिगेशन ऑन फोटोकैटलिटिक रिस्पॉन्स ऑफ सीएनटी इंप्रेगनेटेड ऑक्साइड बेस्ड नेनो फोटो कैटलिस्ट" (Investigation on Photocatalytic Response of CNT Impregnated Oxide Based Nano Photo Catalyst) विषय पर पूर्ण किया है। उन्होंने यह शोध कार्य एसोसिएट प्रोफेसर डॉ और बलराम त्रिपाठी के कुशल निर्देशन में संपन्न किया। उनके इस शोध को विज्ञान और नैनो तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और समर्पण
डॉ. सुचित्रा माँझू झुंझुनूं जिले के गांव बाडेट की पुत्रवधू और श्री सुधीर दनेवा की पत्नी हैं। उनका जन्म स्थल झुंझुनूं जिले का ही गांव ढीलसर है। अपनी इस शैक्षणिक सफलता पर डॉ. सुचित्रा ने इसे अपने दादाजी स्वर्गीय श्री मनोहरलाल जी माँझू को समर्पित किया है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने शोध मार्गदर्शक डॉ. बलराम त्रिपाठी, अपने माता-पिता, सास-ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों के निरंतर सहयोग को दिया है।
क्षेत्र में हर्ष की लहर
डॉ. सुचित्रा की इस उपलब्धि से उनके ससुराल गांव बाडेट और पीहर गांव ढीलसर सहित पूरे झुंझुनूं और चुरू जिले के शैक्षणिक जगत में हर्ष व्याप्त है और एक ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इस मुकाम तक पहुँचने पर उन्हें विभिन्न संगठनों और गणमान्य नागरिकों द्वारा बधाई दी जा रही है।
शैक्षणिक और सामाजिक महत्व
राजकीय लोहिया महाविद्यालय चुरू में सहायक आचार्य के रूप में कार्यरत डॉ. सुचित्रा माँझू का यह शोध कार्य भविष्य में शोधार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगा। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा में उनकी यह भागीदारी महिला सशक्तिकरण और शैक्षणिक विकास की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।
