राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में स्थित राजस्थान परमाणु बिजलीघर (RAPP) की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक जवान की अपनी ही सर्विस राइफल से गोली चलने के कारण मौत हो गई। यह दुखद घटना शनिवार तड़के करीब 4 बजकर 20 मिनट पर हुई। घटना की सूचना मिलते ही रावतभाटा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया और पुलिस ने मृतक जवान के परिजनों को इस घटना के बारे में सूचित कर दिया है।
घटना का विवरण
रावतभाटा थानाधिकारी संजीव स्वामी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक सीआईएसएफ जवान की पहचान 25 वर्षीय प्रमिर सरकार के रूप में हुई है। प्रमिर सरकार शुक्रवार रात को परमाणु बिजलीघर की तीसरी और चौथी इकाई की रिएक्टर बिल्डिंग के बाहर ड्यूटी पर तैनात थे। पुलिस के अनुसार, यह घटना तड़के 4 बजे के बाद हुई। उस समय अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी, जिससे वहां हड़कंप मच गया।
गोली की आवाज सुनकर वहां तैनात अन्य साथी जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि प्रमिर सरकार गंभीर रूप से घायल अवस्था में वहां पड़े थे। उन्हें तुरंत इलाज के लिए राजस्थान परमाणु बिजलीघर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी संजीव स्वामी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया ताकि साक्ष्य जुटाए जा सकें।
मृतक जवान का परिचय
सीआईएसएफ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक जवान प्रमिर सरकार पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। उनकी उम्र 25 वर्ष थी और वे 2025 बैच के जवान थे। प्रमिर ने करीब 6 महीने पहले ही राजस्थान परमाणु बिजलीघर (RAPP) में अपनी ड्यूटी जॉइन की थी। इतनी कम उम्र में और सेवा के शुरुआती दौर में ही इस तरह की घटना होने से उनके साथी जवान और अधिकारी स्तब्ध हैं।
जांच के विभिन्न पहलू
शुरुआती जांच में जवान के सीने के पास 2 से 3 फायरिंग के निशान मिले हैं। इन गहरे जख्मों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी और सीआईएसएफ अधिकारियों का प्राथमिक तौर पर कहना है कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है या फिर किसी तकनीकी कारणवश या असावधानी से गोली चल गई होगी। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा बल दोनों ही एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।
मृतक के शव को फिलहाल परमाणु बिजलीघर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल में रहने वाले उनके परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के सही कारणों और परिस्थितियों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और साथी जवानों के बयानों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
