Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने दावा किया है कि इस चुनाव में कांग्रेस ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है।
एग्जिट पोल पर संदीप दीक्षित की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने एग्जिट पोल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर इन आंकड़ों पर यकीन किया जाए, तो कांग्रेस की सरकार बन रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एग्जिट पोल आम आदमी पार्टी (AAP) को कम आंक रहे हैं और वास्तविक नतीजे इससे अलग हो सकते हैं। उनका मानना है कि कांग्रेस को लगभग 17-18% वोट शेयर मिल सकता है, जो पार्टी के लिए एक सकारात्मक संकेत होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी सर्वेक्षणों की सटीकता पर संदेह किया जा सकता है क्योंकि कई बार ये सही साबित होते हैं तो कई बार इनका विश्लेषण गलत साबित होता है। उनका कहना था कि असली तस्वीर चुनावी नतीजों के दिन ही साफ होगी।
#WATCH | Delhi | #DelhiAssemblyElection2025 | On exit poll, Congress candidate from the New Delhi constituency, Sandeep Dikshit, says, "As per the Exit Polls, the BJP may form the government, but I think they have underestimated the AAP. They have presented the AAP as very weak… pic.twitter.com/6oAppauvuR
— ANI (@ANI) February 6, 2025
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का बयान
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी और भाजपा तथा आम आदमी पार्टी दोनों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव ने दोनों पार्टियों की वास्तविकता जनता के सामने ला दी है। उन्होंने चुनाव में पैसे बांटने के आरोपों पर चिंता जताई और कहा कि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित होती है। तिवारी ने एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इन पर भरोसा नहीं है और उनका मानना है कि कांग्रेस इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस के लिए क्या संकेत हैं?
दिल्ली में कांग्रेस कई वर्षों से संघर्ष कर रही है, लेकिन इस बार नेताओं की प्रतिक्रियाओं से यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी अपने वोट शेयर को बढ़ाने में सफल रही है। हालांकि, क्या यह समर्थन सीटों में तब्दील होगा, यह देखना बाकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर कांग्रेस को 17-18% वोट शेयर मिलता है, तो यह पार्टी के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है और भविष्य में पार्टी की पुनरुत्थान की संभावनाओं को मजबूत कर सकता है।
अब सभी की निगाहें चुनावी नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि दिल्ली की राजनीति में कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल कर पाती है या नहीं।
