Delhi Election 2025 / दिल्ली चुनाव में किस पार्टी को कितने प्रतिशत वोट मिले? आंकड़े आए सामने

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 70 में से 48 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया। भाजपा को 45.56% वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी को 22 सीटों के साथ 43.57% वोट मिले। कांग्रेस एक बार फिर खाता नहीं खोल सकी, लेकिन उसका वोट शेयर 6.34% रहा।

Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 27 वर्षों बाद सत्ता में वापसी करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भाजपा ने प्रदेश की 70 में से 48 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। इसके साथ ही, बीते वर्षों से दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) को करारी हार का सामना करना पड़ा है।

भाजपा को कितने प्रतिशत वोट मिले?

इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 45.56% वोट प्राप्त हुए हैं। भाजपा की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को 1.06% और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 0.53% वोट मिले हैं। 2020 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को 38.51% और 2015 में 32.3% वोट मिले थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा का वोट प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, भाजपा की सहयोगी पार्टियां अपनी-अपनी सीटों पर जीत दर्ज नहीं कर पाईं।

AAP को कितने प्रतिशत वोट मिले?

आम आदमी पार्टी (AAP) को इस चुनाव में 70 में से 22 सीटों पर जीत मिली है। पार्टी का वोट प्रतिशत घटकर 43.57% रह गया, जो कि 2020 के 53.57% और 2015 के 54.5% से 10% कम है। यह पराजय AAP के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह पार्टी पिछले दस वर्षों से दिल्ली की सत्ता पर काबिज थी।

कांग्रेस की स्थिति क्या रही?

कांग्रेस पार्टी इस बार भी दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक भी सीट जीतने में असफल रही। हालांकि, पार्टी के वोट प्रतिशत में मामूली सुधार देखा गया। कांग्रेस ने इस चुनाव में 6.34% वोट प्राप्त किए, जबकि 2020 में उसे 4.3% वोट मिले थे। इससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस धीरे-धीरे ही सही, लेकिन अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है।

राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव

भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के साथ दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। AAP, जो एक दशक तक सत्ता में रही, अब विपक्ष की भूमिका निभाने को मजबूर है। भाजपा की इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीतियों का नतीजा माना जा रहा है।

आगे देखना होगा कि भाजपा दिल्ली के विकास के लिए किस तरह की नीतियां अपनाती है और AAP तथा कांग्रेस इस चुनावी हार से क्या सबक लेकर आगे की रणनीति बनाती हैं।

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