देहरादून में युवक की हत्या के बाद सांप्रदायिक हिंसा, घरों में आगजनी और भारी तनाव

देहरादून के सहसपुर में पानी और किराये के विवाद में विनोद नामक युवक की हत्या के बाद हिंसा भड़क गई। उग्र भीड़ ने आरोपियों के घरों में आग लगा दी और पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने 25 लोगों पर केस दर्ज किया है।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहसपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बैरागीवाला गांव में एक युवक की निर्मम हत्या के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं और सेटरिंग के सामान के किराये और सरकारी ट्यूबवेल से पानी लेने जैसे मामूली विवाद ने एक बड़े सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया है। इस घटना में विनोद नामक युवक की हथौड़े और धारदार हथियारों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया और हिंसा भड़क उठी।

विवाद की जड़ और खूनी संघर्ष

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद सेटरिंग के सामान के किराये के भुगतान और सरकारी ट्यूबवेल से पानी लेने के पुराने मसले को लेकर शुरू हुआ था। मृतक विनोद, राजेश और अशोक का पूर्व प्रधान इस्तिपाक के भतीजे इम्तियाज के साथ इस बात को लेकर विवाद हुआ था और देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि इसके बाद रज्जाक, अमन, यूनूस, अनीस समेत 20 से 25 लोगों की भीड़ ने धारदार हथियारों और हथौड़े से विनोद और उसके साथियों पर हमला बोल दिया। इस हमले में विनोद के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। इस घटना में राजेश और अशोक भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है।

हिंसा, आगजनी और पथराव का तांडव

विनोद की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया और कहा कि वारदात के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे थे। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने दूसरे समुदाय के घरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। बैरागीवाला में भीड़ ने जमकर पत्थरबाजी की और देखते ही देखते कई घरों को आग के हवाले कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि उग्र भीड़ ने वहां खड़े कई वाहनों को भी फूंकने का प्रयास किया। पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुंच गया।

परिजनों की मांग और पुलिस की कार्रवाई

मृतक विनोद के बुजुर्ग पिता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं हो जाता और उनके घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 नामजद आरोपियों और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को भी बंद कर दिया है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके और फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस बल उग्र भीड़ को शांत करने की कोशिश में जुटा है।