आबकारी मामले में जज बदलने की याचिका पर आज दिल्ली कोर्ट अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाएगी। कोर्ट अरविंद केजरीवाल और अन्य याचिकाकर्ताओं की उस अर्जी पर अपना निर्णय देगा, जिसमें एक्साइज पॉलिसी केस में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को सुनवाई से हटाने की मांग की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट पहले यह फैसला दोपहर 2:30 बजे सुनाने वाला था, लेकिन अब इसे शाम 4:30 बजे सुनाया जाएगा।
केजरीवाल की कोर्ट में पेशी और दलीलें
आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल आज एक बार फिर दिल्ली हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए और आबकारी मामले में जज बदलने की अर्जी के संबंध में यह चौथी बार था जब केजरीवाल कोर्ट के सामने पेश हुए। सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से आग्रह किया कि उनके द्वारा फाइल किए गए रिजॉइंडर को रिकॉर्ड पर लिया जाए और हालांकि, शुरुआत में उनके नए हलफनामे को रिकॉर्ड पर नहीं लिया गया था, जिसके बाद केजरीवाल ने रिजॉइंडर को रिकॉर्ड पर लाने के लिए कोर्ट में अपना पक्ष रखा।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का कड़ा विरोध
अरविंद केजरीवाल की दलीलों का सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पुरजोर विरोध किया और उन्होंने कोर्ट को याद दिलाया कि 13 तारीख को केजरीवाल ने खुद आकर बहस करने का फैसला किया था, जिसका किसी ने विरोध नहीं किया था। मेहता ने कहा कि केजरीवाल ने एक घंटे तक बहस की और जब उन्हें बताया गया कि मामला आज खत्म हो जाएगा, तो वे चले गए और सॉलिसिटर जनरल ने स्पष्ट किया कि देश के किसी भी कोर्ट में मामला सुरक्षित होने के बाद कोई भी दलील रिकॉर्ड पर नहीं ली जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल एक और एफिडेविट फाइल करना चाहते थे और लिखित सबमिशन का जवाब फाइल करने का कोई कानूनी तरीका नहीं है। उन्होंने कोर्ट से वही प्रक्रिया अपनाने का आग्रह किया जो किसी भी सामान्य लिटिगेंट के साथ अपनाई जाती है।
कोर्ट की प्रक्रिया और जस्टिस शर्मा की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रजिस्ट्री उनके दस्तावेजों को स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने अपना जवाब फाइल कर दिया है, लेकिन रजिस्ट्री पहले एक्सेप्ट दिखाने के बाद अब रिजेक्ट दिखा रही है। इस पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि केजरीवाल को ऐसी बातें नहीं बोलनी चाहिए। जस्टिस शर्मा ने कहा कि उनके एडिशनल एफिडेविट को पहले ही रास्ते से हटकर रिकॉर्ड पर लिया गया था क्योंकि वह खुद बहस कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री के नियम सबके लिए समान हैं और यह कोई एक्स्ट्राऑर्डिनरी केस नहीं है, बल्कि एक साधारण मामला है।
शाम 4:30 बजे आएगा अंतिम आदेश
जस्टिस शर्मा ने सॉलिसिटर जनरल की बात से सहमति जताते हुए कहा कि लिखित सबमिशन का कोई रिजॉइंडर नहीं होता है। उन्होंने केजरीवाल से कहा कि उन्हें लिखित सबमिशन फाइल करने का समय दिया गया था, जो उन्होंने नहीं किया। कोर्ट ने साफ किया कि किसी व्यक्ति विशेष के लिए न्यायिक प्रक्रिया को नहीं बदला जाएगा। हालांकि, जस्टिस शर्मा ने रियायत देते हुए कहा कि चूंकि फैसला आज ही सुनाया जाना है, इसलिए वह केजरीवाल के जवाब को लिखित बयान के तौर पर रिकॉर्ड पर लेंगी और इस पर सॉलिसिटर जनरल ने टिप्पणी की कि किसी आम आदमी को यह अतिरिक्त लाभ नहीं मिला होता। अंत में, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने घोषणा की कि वह अब शाम 4:30 बजे अपना आदेश सुनाएंगी।
