भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने रविवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद का एक महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरा किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने सऊदी अरब के शीर्ष नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कीं, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, ऊर्जा सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने इस कूटनीतिक दौरे की आधिकारिक जानकारी साझा की है।
सऊदी अरब के शीर्ष मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें
भारतीय दूतावास द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 19 अप्रैल को रियाद का आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सऊदी अरब के प्रमुख मंत्रियों और अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।
इन उच्चस्तरीय वार्ताओं में भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को एक नई दिशा देने और आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
यूक्रेन के सुरक्षा सचिव रुस्तम उमेरोव के साथ मुलाकात
सऊदी अरब के दौरे से ठीक पहले, 17 अप्रैल को एक अन्य महत्वपूर्ण राजनयिक घटनाक्रम में यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव ने एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। यह बैठक रूस-यूक्रेन युद्ध की जटिल पृष्ठभूमि के बीच आयोजित की गई थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई।
रूस-यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक प्रभाव पर चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि नई दिल्ली और कीव के बीच सुरक्षा और रणनीतिक स्तर पर निरंतर संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जायसवाल ने पुष्टि की कि रुस्तम उमेरोव ने 17 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से मुलाकात की थी।
भारत ने इस बैठक के दौरान एक बार फिर अपना स्पष्ट रुख दोहराया कि वह किसी भी विवाद का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से चाहता है। दोनों पक्षों ने पूर्वी यूरोप में चल रहे लंबे युद्ध के बीच निरंतर संवाद की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।
