देश की राजधानी दिल्ली में आज सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मद्देनजर 17 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के अनुसार, 24 जुलाई को सुबह 7:30 बजे से इन स्टेशनों पर आवाजाही बंद रहेगी। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा पेपर लीक मामले को लेकर किए जा रहे देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान के बाद उठाया गया है। एक तरफ जहां दिल्ली की सड़कों और मेट्रो स्टेशनों पर सन्नाटा और सुरक्षा बलों की तैनाती है, वहीं दूसरी तरफ सरकार और प्रदर्शनकारी नेताओं के बीच बातचीत का रास्ता भी खुला है। आज दोपहर में होने वाली यह बैठक इस पूरे विवाद का समाधान निकालने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
CJP का देशव्यापी अभियान: हर जिला, एक दिन, एक मांग
केंद्र सरकार के बातचीत के प्रस्ताव के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी ने आज शुक्रवार को देश के हर जिले में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। पार्टी ने इस आंदोलन को "हर जिला, एक दिन, एक मांग" का नारा दिया है और आम जनता से इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। CJP द्वारा जारी किए गए पोस्टरों में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रदर्शन छात्रों की जायज मांगों के समर्थन में और पिछले प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता के शिकार हुए लोगों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए किया जा रहा है और पार्टी ने छात्र संगठनों और अन्य सामाजिक संस्थाओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने का आग्रह किया है।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार और CJP की बैठक
पेपर लीक के मुद्दे पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए आज दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल CJP के नेताओं से मुलाकात करेगा। सूत्रों के हवाले से खबर है कि सरकार इस बैठक में CJP से अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की अपील कर सकती है और उन्हें एक लिखित प्रस्ताव भी सौंप सकती है। हालांकि, CJP के नेता अपनी मांगों पर अडिग नजर आ रहे हैं। पार्टी ने साफ कर दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार द्वारा पिछले 24 घंटों में की गई बड़ी कार्रवाई
पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 24 घंटों में कई बड़े फैसले लिए हैं। पीएम मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है, जिसके तहत दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट अधिसूचित किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसमें शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर दिया गया है और उनके स्थान पर नरेश पाल गंगवार को शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। सरकार ने अब तक 4 बार CJP नेताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है, जो इस मुद्दे को सुलझाने की उनकी कोशिशों को दर्शाता है।
दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशन बंद: यात्रियों के लिए जानकारी
DMRC द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आज बंद रहने वाले 17 स्टेशनों में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोरबाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान शामिल हैं। हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिससे यात्री अपनी लाइनें बदल सकेंगे। इन स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रहने से आम यात्रियों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, अभिजीत दीपके अभी भी अड़े
एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। वांगचुक 28 जून से अनशन पर थे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने अपना अनशन तोड़ा। सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, CJP नेता अभिजीत दीपके ने झुकने से इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने और सरकार के आश्वासन के बावजूद, उनका प्रदर्शन तब तक नहीं रुकेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
पेपर लीक पर सख्त कानून का मसौदा तैयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात को एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों को भरोसा दिलाया कि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी। पीएम ने घोषणा की कि सरकार पेपर लीक को रोकने के लिए एक बहुत ही कड़े कानून का मसौदा आज कैबिनेट की बैठक में पेश करने जा रही है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस बिल को अगले हफ्ते संसद में पेश कर पास कराने की योजना है। इस नए कानून का उद्देश्य भविष्य में होने वाली परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर नकेल कसना है।
