दिल्ली में बारिश और नोएडा में ओले, IMD का रेड अलर्ट जारी

दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक करवट ली है। नोएडा में भारी ओलावृष्टि और दिल्ली में बारिश के बाद ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को मौसम ने अचानक ऐसा यू-टर्न लिया कि लोग ठिठुरने पर मजबूर हो गए। सुबह से ही आसमान में काले बादलों का डेरा था और रुक-रुककर हो रही रिमझिम बारिश ने ठंड का अहसास बढ़ा दिया था। लेकिन शाम होते-होते स्थिति और भी गंभीर हो गई जब नोएडा और आसपास के इलाकों में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई। सड़कों पर सफेद ओलों की चादर बिछ गई, जिससे न केवल तापमान में भारी गिरावट आई है, बल्कि आम जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

नोएडा में ओलावृष्टि का तांडव

शाम करीब पांच बजे नोएडा के कई सेक्टरों में अचानक तेज हवाओं के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। कालिंदी कुंज, बदरपुर और शाहीन बाग जैसे इलाकों में भी ओलावृष्टि की खबरें सामने आई हैं। ओलों की गति इतनी तेज थी कि सड़कों पर चल रहे वाहनों की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया और दोपहिया वाहन चालक सुरक्षित ठिकानों की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। ओलावृष्टि के बाद सड़कों पर बिछी सफेद परत ने शिमला जैसा नजारा पैदा कर दिया, लेकिन इसने ठंड को कई गुना बढ़ा दिया है।

मौसम विभाग का रेड अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में यह बदलाव देखा जा रहा है और विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर फिर से ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

यातायात और जनजीवन पर असर

बारिश और ओलावृष्टि के कारण दिल्ली-नोएडा लिंक रोड, डीएनडी और एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। दृश्यता कम होने और सड़कों पर फिसलन बढ़ने की वजह से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो गई है। ऑफिस से घर लौट रहे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, अचानक बढ़ी ठंड ने बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ा दी हैं और डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस बदलते मौसम में लोग खुद को गर्म रखें और बाहर निकलने से बचें।

किसानों की बढ़ी चिंता

इस बेमौसम ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं और नारनौल और आसपास के कृषि प्रधान इलाकों में ओले गिरने से सरसों और गेहूं की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। ओलों की मार से फसलें खेतों में बिछ गई हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश और ओलावृष्टि। का सिलसिला जारी रहा, तो पैदावार पर इसका बुरा असर पड़ेगा।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

आईएमडी के मुताबिक, 27 जनवरी को शुरू हुआ यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। इससे पहले 23 जनवरी को भी दिल्ली में बारिश हुई थी, जिसके बाद तीन दिनों तक मौसम साफ रहा था। लेकिन अब अगले 72 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर बारिश होती रहेगी और न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति दोबारा पैदा होने की संभावना है।

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