Donald Trump News / ट्रंप का चौंकाने वाला खुलासा: डॉक्टरों की सलाह से ज्यादा लेते हैं एस्पिरिन, बताई वजह और सेहत पर असर

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने स्वास्थ्य को लेकर एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि वह डॉक्टरों की सलाह से अधिक एस्पिरिन का सेवन करते हैं। उन्होंने अपने हाथों पर पड़ने वाले नीले निशानों का कारण भी इसी को बताया। ट्रंप ने लगातार तीसरी बार कॉग्निटिव टेस्ट भी पास किया है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान अपने स्वास्थ्य संबंधी आदतों को लेकर एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस साक्षात्कार में, ट्रंप ने स्पष्ट रूप से बताया कि वह अपने निजी चिकित्सकों द्वारा निर्धारित एस्पिरिन की दैनिक खुराक से अधिक मात्रा का सेवन कर रहे हैं। यह बयान उनके स्वास्थ्य को लेकर चल रही अटकलों और सार्वजनिक चर्चाओं के बीच आया है, जिसने एक बार फिर उनके स्वास्थ्य प्रोटोकॉल पर ध्यान आकर्षित किया है। उनका यह कबूलनामा, जो कि डॉक्टरों की सलाह से हटकर अपनी मर्जी से दवा लेने की प्रवृत्ति को दर्शाता है, कई हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। इस खुलासे ने न केवल उनके स्वास्थ्य संबंधी दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि वह अपनी शारीरिक स्थिति को लेकर अपने स्वयं के निर्णय लेने में संकोच नहीं करते हैं, भले ही वे चिकित्सा सलाह के विपरीत हों।

एस्पिरिन की अधिक खुराक लेने का कारण

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, द वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) को दिए अपने इंटरव्यू में ट्रंप ने एस्पिरिन की अधिक खुराक लेने के पीछे का कारण भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "डॉक्टर कहते हैं कि एस्पिरिन खून को पतला करने के लिए अच्छी है, और मैं नहीं चाहता कि मेरे दिल में गाढ़ा खून बहे। मैं चाहता हूं कि मेरे दिल में अच्छा, पतला खून बहे। " यह बयान उनकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य धारणाओं को दर्शाता है, जहां वह मानते हैं कि खून को पतला रखना हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। उनका यह दृष्टिकोण, हालांकि सामान्य चिकित्सा सलाह के अनुरूप हो सकता है, लेकिन खुराक को लेकर उनका व्यक्तिगत निर्णय चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन सकता है और ट्रंप का यह बयान उनके स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों में उनकी स्वायत्तता और दृढ़ विश्वास को भी उजागर करता है।

हाथों पर नीले निशानों की व्याख्या

साक्षात्कार के दौरान, 79 वर्षीय अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने हाथों पर हाल ही में दिखाई देने वाले नीले निशानों की रिपोर्टों पर भी टिप्पणी की। इन निशानों में उनके दाहिने हाथ पर दिखाई देने वाले निशान और बाएं हाथ पर नए रंग बदलने वाले निशान शामिल थे, जिनकी मीडिया में काफी चर्चा हुई थी। ट्रंप ने इन निशानों का कारण एस्पिरिन की अधिक खुराक को बताया। उन्होंने कहा, "डॉक्टर चाहते हैं कि मैं छोटी वाली गोली लूं। मैं बड़ी वाली लेता हूं, लेकिन मैं यह सालों से कर रहा हूं, और इससे नीले निशान पड़ जाते हैं। " यह स्पष्टीकरण उनके स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों के प्रत्यक्ष शारीरिक परिणामों को दर्शाता है। उनके इस बयान से यह भी पता चलता है कि वह अपनी स्वास्थ्य आदतों के संभावित दुष्प्रभावों से अवगत हैं, फिर भी वह अपनी पसंद की खुराक का सेवन जारी रखते हैं।

कॉग्निटिव टेस्ट में सफलता और अनिवार्य परीक्षण पर विचार

अपने इंटरव्यू के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि व्हाइट हाउस के डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया है और उन्होंने लगातार तीसरी बार अपना कॉग्निटिव टेस्ट सफलतापूर्वक पास किया है। यह खबर उन अटकलों को शांत करने वाली थी जो उनके मानसिक स्वास्थ्य और संज्ञानात्मक क्षमताओं को लेकर चल रही थीं। ट्रंप ने इस अवसर का उपयोग करते हुए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा, "मेरा पक्का मानना ​​है कि राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को अनिवार्य रूप से एक मजबूत, सार्थक और साबित कॉग्निटिव टेस्ट देने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए। हमारा महान देश बेवकूफ या नाकाबिल लोगों द्वारा नहीं चलाया जा सकता! " यह बयान उनके इस विश्वास को दर्शाता है कि सार्वजनिक पद के लिए मानसिक तीक्ष्णता और क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

एस्पिरिन की खुराक पर विस्तृत जानकारी

सीएनएन ने डब्ल्यूएसजे के हवाले से बताया कि ट्रंप के डॉक्टर, डॉ और सीन बारबाबेला के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति रोजाना 325 मिलीग्राम एस्पिरिन का सेवन करते हैं। यह खुराक सामान्य रूप से निर्धारित कम डोज वाली एस्पिरिन की खुराक से काफी अधिक है। सीएनएन के अनुसार, एक सामान्य कम डोज वाली एस्पिरिन की खुराक 75 से 100 मिलीग्राम तक होती है, जिसमें 81 मिलीग्राम सबसे आम खुराक है। यह जानकारी ट्रंप द्वारा ली जा रही खुराक और मानक चिकित्सा प्रथाओं के बीच के अंतर को स्पष्ट करती है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि 325 मिलीग्राम से अधिक की रोजाना खुराक प्रभावशीलता में सुधार किए बिना ब्लीडिंग का खतरा बढ़ा सकती है। यह तथ्य ट्रंप की स्वास्थ्य आदतों के संभावित जोखिमों को उजागर करता। है, खासकर जब वह डॉक्टरों की सलाह से अधिक खुराक ले रहे हैं।

स्कैन के प्रकार पर स्पष्टीकरण

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर और पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति डिक चेनी के लंबे समय से कार्डियोलॉजिस्ट रहे डॉ. जोनाथन राइनर ने इन रिपोर्टों पर अपनी टिप्पणी दी। उन्होंने ट्रंप के हाथों पर नीले निशानों और एस्पिरिन की खुराक के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठाए। डॉ. राइनर ने कहा, "दिन में एक एस्पिरिन लेने से इस तरह के नील पड़ना आम बात नहीं है और मेरा सवाल है, 'क्या राष्ट्रपति कोई ऐसी दवाएं लेते हैं जिनके बारे में व्हाइट हाउस ने खुलासा नहीं किया है? '" यह सवाल ट्रंप के स्वास्थ्य प्रोटोकॉल की पारदर्शिता पर संदेह पैदा करता है और यह सुझाव देता है कि उनके स्वास्थ्य की स्थिति में अन्य कारक भी शामिल हो सकते हैं जिनकी सार्वजनिक रूप से जानकारी नहीं दी गई है और यह चिकित्सा समुदाय में उनके स्वास्थ्य संबंधी खुलासों की जांच और सत्यापन की आवश्यकता को भी दर्शाता है।

साक्षात्कार में, ट्रंप ने पिछले साल अक्टूबर में हुए अपने स्कैन के प्रकार पर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने साफ किया कि वह सीटी स्कैन था, न कि एमआरआई जैसा कि पहले बताया गया था। यह स्पष्टीकरण उनके स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड की सटीकता को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। चिकित्सा प्रक्रियाओं के सटीक विवरण से उनके स्वास्थ्य की स्थिति का बेहतर मूल्यांकन करने में मदद मिलती है। यह भी दर्शाता है कि ट्रंप अपने स्वास्थ्य संबंधी विवरणों को लेकर सटीक जानकारी देने के इच्छुक हैं, भले ही पहले कुछ गलतफहमी रही हो।