डोनाल्ड ट्रंप का दावा: ईरान की सैन्य शक्ति और नौसेना पूरी तरह नष्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य क्षमता, नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। उन्होंने रूस द्वारा ईरान की मदद की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के पास तेल के विशाल भंडार मौजूद हैं, जिनका उपयोग ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए किया जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की वर्तमान सैन्य स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कई बड़े दावे किए हैं और एक आधिकारिक बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप ईरान की रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताएं अब लगभग समाप्त हो चुकी हैं। राष्ट्रपति के अनुसार, ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल कार्यक्रम को इस स्तर तक नुकसान पहुँचाया गया है कि वे अब एक प्रभावी सैन्य शक्ति के रूप में कार्य करने में सक्षम नहीं हैं।

ईरानी नौसेना और वायुसेना पर ट्रंप के दावे

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को हुए नुकसान का विवरण साझा किया है। उनके अनुसार, अमेरिका ने ईरान के 44 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दावा किया कि ईरानी वायुसेना के लगभग हर विमान को निष्क्रिय या नष्ट कर दिया गया है। ट्रंप ने कहा कि इन कार्रवाइयों के बाद ईरानी सेना अब लगभग अस्तित्वहीन हो चुकी है और उनकी परिचालन क्षमता न्यूनतम स्तर पर पहुँच गई है।

मिसाइल और ड्रोन क्षमता में भारी गिरावट

ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी अधिकांश मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया है, जिससे उनकी हमला करने की शक्ति काफी कम हो गई है और उन्होंने बताया कि अब ईरान बड़ी संख्या में मिसाइलें भेजने की स्थिति में नहीं है। इसके साथ ही, मिसाइल निर्माण क्षेत्रों और ड्रोन उत्पादन केंद्रों पर भी भारी हमले किए गए हैं। ट्रंप के अनुसार, ईरान की ड्रोन क्षमता अब पहले के मुकाबले बहुत कम रह गई है, जो क्षेत्र में उनकी सैन्य पकड़ को कमजोर करती है।

रूस-ईरान संबंधों पर राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया

जब राष्ट्रपति से रूस द्वारा ईरान की संभावित मदद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा कि उनके पास ऐसे कोई संकेत नहीं हैं कि रूस, ईरान को किसी भी प्रकार का सैन्य या रणनीतिक समर्थन दे रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि रूस ऐसा कर भी रहा है, तो वे बहुत बुरा काम कर रहे हैं, क्योंकि ईरान की वर्तमान स्थिति अत्यंत दयनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी बाहरी शक्ति से प्रभावी सहायता नहीं मिल रही है।

अमेरिकी तेल भंडार और ऊर्जा नीति

ऊर्जा क्षेत्र और तेल की कीमतों पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने अमेरिका की घरेलू ऊर्जा शक्ति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास तेल का अपार भंडार है, जो न केवल जमीन पर बल्कि समुद्र के नीचे भी विशाल मात्रा में मौजूद है। ट्रंप ने संकेत दिया कि वे इन संसाधनों का उपयोग ऊर्जा की कीमतों को कम करने और वैश्विक बाजार में अमेरिकी प्रभुत्व सुनिश्चित करने के लिए करेंगे। उन्होंने अमेरिका को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

भविष्य की सैन्य कार्रवाई पर अनिश्चितता

ईरानी सेना पर भविष्य में होने वाले हमलों के बारे में ट्रंप ने एक सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि हालांकि सेना पर और भी भारी हमले किए जा सकते हैं, लेकिन इस पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और " राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपनी रणनीति के अनुसार कदम उठाएगा और वर्तमान में ईरान की सैन्य संरचना को और अधिक नुकसान पहुँचाने का विकल्प खुला रखा गया है।