गुवाहाटी: सीमा विवाद को लेकर असम और मिजोरम सरकार के बीच लगातार तनाव जारी है। इस बीच असम सरकार ने नई एडवाइजरी जारी कर सरकार ने लोगों को मिजोरम की यात्रा न करने की सलाह दी है। सरकार ने कहा कि लोगों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए यह जरूरी है। वहीं मिजोरम सरकार ने गृह मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह असम सरकार को इस तरह की गतिविधियों से परहेज करने और आगे के संघर्ष से बचने के लिए अंतर-राज्यीय सीमा पर तैनात टुकड़ियों को वापस लेने के निर्देश जारी करे।
इस बीच असम में सत्तारूढ़ भाजपा ने गुरुवार को लंबे समय से लंबित सीमा विवादों के लिए पिछली कांग्रेस सरकारों को दोषी ठहराया। भाजपा ने कहा कि पुरानी पार्टी ने विवादास्पद मामलों से बचने के लिए पलायनवादी रवैया अपनाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती राज्यों द्वारा असम के कई लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर वर्षों से कब्जा कर लिया गया है क्योंकि कांग्रेस, जो आजादी के बाद से अधिकांश समय सत्ता में थी, ने चिंता के ऐसे मुद्दों से बचने के लिए पलायनवादी रवैया अपनाया था। वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए यह जानना चाहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों ने पिछले कुछ वर्षों में इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कुछ नहीं किया है।
क्या है मामला
असम और मिजोरम सीमा पर जमीन विवाद को लेकर हुए तनाव के कारण हुई गोलीबारी में असम पुलिस के कम से कम छह जवानों की मौत हो गई और एक पुलिस अधीक्षक समेत 50 अन्य घायल हो गए। झड़प के बाद दोनों राज्यों के पुलिस बल सीमा पर तैनात हैं। हालांकि अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि शांति बनाए रखने के मकसद पुलिस बलों को सीमा से 100 मीटर अंदर वापस लिया गया है।
