दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क और आयरलैंड की मशहूर बजट एयरलाइन Ryanair के सीईओ माइकल ओ लेरी के बीच इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त जुबानी जंग छिड़ी हुई है। यह विवाद स्टारलिंक की इन-फ्लाइट वाई-फाई सेवा को लेकर शुरू हुआ, जो अब व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच गया है। दोनों दिग्गजों ने एक-दूसरे को सार्वजनिक रूप से 'इडियट' करार दिया है, जिससे कॉर्पोरेट जगत में हलचल मच गई है और यह पूरा मामला तब गरमाया जब माइकल ओ लेरी ने अपनी उड़ानों में मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को लगाने से साफ इनकार कर दिया।
विवाद की असली वजह
एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक वर्तमान में दुनिया भर में सैटेलाइट आधारित हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा प्रदान कर रही है। मस्क चाहते हैं कि दुनिया की बड़ी एयरलाइंस कंपनियां अपनी उड़ानों में यात्रियों को स्टारलिंक का वाई-फाई उपलब्ध कराएं। लुफ्थांसा जैसी कई बड़ी एयरलाइंस पहले ही इस दिशा में कदम बढ़ा चुकी हैं और मस्क ने इसी सिलसिले में Ryanair को भी प्रस्ताव दिया था, लेकिन सीईओ माइकल ओ लेरी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ओ लेरी का तर्क है कि उनकी एयरलाइन एक लो-कॉस्ट मॉडल पर चलती है, जहां हर एक पैसे की बचत मायने रखती है।
ईंधन और वजन का गणित
माइकल ओ लेरी ने स्टारलिंक सेवा को ठुकराने के पीछे एक ठोस तकनीकी और आर्थिक कारण बताया है और उन्होंने कहा कि अगर वे अपने विमानों में स्टारलिंक का एंटीना और संबंधित सिस्टम लगवाते हैं, तो इससे विमान का वजन बढ़ जाएगा। ओ लेरी के अनुसार, इस अतिरिक्त वजन के कारण एयरलाइन को 2 प्रतिशत की 'फ्यूल पेनाल्टी' यानी अतिरिक्त ईंधन खर्च उठाना पड़ेगा। चूंकि Ryanair के टिकट की कीमतें महज 15 पाउंड से शुरू होती हैं, इसलिए वे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को वहन नहीं कर सकते। उन्होंने साफ कहा कि एक घंटे की छोटी उड़ान के लिए यात्री वाई-फाई के लिए अलग से भुगतान नहीं करेंगे।जब मस्क को ओ लेरी के इस फैसले का पता चला, तो उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मस्क ने कहा कि यह एक मूर्खतापूर्ण निर्णय है और अगर Ryanair अपने यात्रियों को कनेक्टिविटी नहीं देगी, तो वह अपने ग्राहक खो देगी। इस पर पलटवार करते हुए ओ लेरी ने एक इंटरव्यू में मस्क को 'इडियट' कह दिया और उन्होंने तर्क दिया कि उनके पास 640 विमानों का बेड़ा है और सालाना 206 मिलियन यात्री सफर करते हैं। ऐसे में स्टारलिंक लगाने से कंपनी पर हर साल 200 से 250 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो पूरी तरह से अव्यावहारिक है।
क्या मस्क खरीदेंगे Ryanair?
विवाद यहीं नहीं थमा, ओ लेरी की टिप्पणी के बाद एलन मस्क ने एक और चौंकाने वाला कदम उठाया। उन्होंने X पर एक पोस्ट साझा करते हुए संकेत दिया कि वे Ryanair को खरीदने पर विचार कर सकते हैं। मस्क ने लिखा कि 'Ryanair को खरीदो और इसे एक उपयोगी एयरलाइन बनाओ। ' इसके साथ ही उन्होंने अपने फॉलोअर्स से इस पर वोटिंग करने को भी कहा। मस्क का यह अंदाज उनके पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए काफी चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने ट्विटर को भी इसी तरह के विवादों के बाद खरीदा था।
बजट एयरलाइंस की चुनौतियां
यह विवाद विमानन उद्योग में एक बड़ी बहस को जन्म दे रहा है। एक तरफ एलन मस्क भविष्य की तकनीक और कनेक्टिविटी की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ माइकल ओ लेरी जैसे अनुभवी सीईओ लाभप्रदता और परिचालन लागत पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। बजट एयरलाइंस के लिए मुनाफा कमाना हमेशा से एक चुनौती रहा है, और ओ लेरी का मानना है कि मुफ्त वाई-फाई जैसी सुविधाएं उनके बिजनेस मॉडल को बिगाड़ सकती हैं और अब देखना यह होगा कि क्या मस्क सच में इस एयरलाइन को खरीदने की दिशा में कोई कदम उठाते हैं या यह केवल एक सोशल मीडिया वॉर बनकर रह जाएगा।