अमेरिका में एक बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है जहां फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के 9 पूर्व कर्मचारियों ने अपने ही विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गोपनीय दस्तावेजों की जांच में शामिल होने की सजा दी गई है और उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। यह पूरा मामला ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो आवास से बरामद किए गए गोपनीय दस्तावेजों की जांच से जुड़ा हुआ है, जिसका नेतृत्व पूर्व स्पेशल काउंसल जैक स्मिथ ने किया था।
अदालत में दायर किया गया 70 पन्नों का मुकदमा
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट फॉर द डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया में गुरुवार को एक विस्तृत 70 पन्नों का मुकदमा दायर किया गया है। इस कानूनी कार्रवाई में FBI, उसके डायरेक्टर काश पटेल, अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच और न्याय विभाग (DOJ) को मुख्य पक्ष बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि उनकी बर्खास्तगी किसी पेशेवर विफलता के कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध के कारण की गई है।
मुकदमा करने वाले कर्मचारियों की पहचान
मुकदमा दायर करने वाले इन 9 पूर्व कर्मचारियों में विशेष एजेंट, इंटेलिजेंस एनालिस्ट और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनात पेशेवर शामिल हैं। इनके नाम जेनिफर बेकन, जैक फेल्डमैन, गिल्बर्ट ग्रानाडोस, कैथरीन हरेरा, हैरिसन कॉफमैन, जेरेमी लिंटन, एरिन माटैनिक, डेनियल रे और रेचल वैकारो हैं। ये सभी कर्मचारी काउंटरइंटेलिजेंस जांच के विशेषज्ञ रहे हैं और इन्होंने बोस्टन मैराथन बम धमाके और पेंसिल्वेनिया के बटलर काउंटी में ट्रंप की हत्या की कोशिश जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इन सभी को फरवरी 2026 में मात्र दो दिनों के भीतर नौकरी से बाहर कर दिया गया।
बिना किसी जांच के बर्खास्तगी का आरोप
याचिका में यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि बर्खास्तगी से पहले विभाग द्वारा न तो कोई आंतरिक जांच की गई और न ही किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने, सुनवाई में शामिल होने या फैसले के खिलाफ अपील करने का कोई मौका नहीं दिया गया। उनका दावा है कि उन्हें केवल राष्ट्रपति के निजी गुस्से और बदले की भावना का शिकार बनाया गया है क्योंकि उन्होंने उनके खिलाफ चल रही जांच में अपना कर्तव्य निभाया था।
आर्टिकल II और राजनीतिक वफादारी का सवाल
अमेरिकी प्रशासन ने इन कर्मचारियों को हटाने के लिए अमेरिकी संविधान के आर्टिकल II का हवाला दिया है, जो राष्ट्रपति की शक्तियों से संबंधित है और द हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका में कहा गया है कि इस संवैधानिक अधिकार का गलत इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक वफादारी सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने भी संकेत दिया था कि FBI में बदलाव के तहत उन लोगों को हटाया गया है जो राष्ट्रपति से जुड़ी जांचों का हिस्सा थे।
काश पटेल और 'प्लैज्मिक इको' जांच का विवाद
मुकदमे में FBI डायरेक्टर काश पटेल की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई है। FBI के काउंटरइंटेलिजेंस विभाग की पूर्व प्रमुख जेनिफर बेकन को अपनी बर्खास्तगी का आभास तब हुआ जब एजेंट माइल्स स्टार ने गोपनीय दस्तावेजों की जांच से जुड़ी फाइलें मांगीं, जिसका कोडनेम प्लैज्मिक इको था। 23 फरवरी को स्टार ने असिस्टेंट डायरेक्टर रोमन रोजावस्की को ईमेल भेजकर इन फाइलों तक तुरंत पहुंच की मांग की और बताया कि वह काश पटेल के निर्देश पर ऐसा कर रहा है। बेकन ने एक विशिष्ट सब-फाइल को छोड़कर बाकी फाइलों की अनुमति दे दी थी। याचिका के अनुसार, इन फाइलों में उन नौ कर्मचारियों के नाम शामिल थे। इसके 48 घंटे से भी कम समय में 8 कर्मचारियों को एक दिन और 9वें कर्मचारी को अगले दिन नौकरी से निकाल दिया गया।
गोपनीयता के उल्लंघन का आरोप
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिस समय यह कार्रवाई हो रही थी, उस समय काश पटेल इटली में अमेरिकी पुरुष हॉकी टीम के साथ पार्टी करने के एक वीडियो को लेकर विवादों में थे। 25 फरवरी को उन्होंने रॉयटर्स को दिए एक बयान में कहा था कि गोपनीय दस्तावेजों की जांच के दौरान उनके और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स के फोन रिकॉर्ड मांगे गए थे। कर्मचारियों का आरोप है कि पटेल ने इस मामले से जुड़े गोपनीयता आदेश का उल्लंघन किया और फिर अपनी शक्ति का प्रयोग कर उन्हें नौकरी से हटा दिया।
क्या था मार-ए-लागो दस्तावेजों का मामला?
इस पूरे विवाद की जड़ अगस्त 2022 में है, जब FBI ने ट्रंप के मार-ए-लागो आवास की तलाशी ली थी। इसके बाद 2023 में जैक स्मिथ की टीम ने ट्रंप पर तीन दर्जन से अधिक गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, बाद में एक संघीय जज ने जैक स्मिथ की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए इस मामले को खारिज कर दिया था। 2024 में ट्रंप के दोबारा चुनाव जीतने के बाद, न्याय विभाग ने इस फैसले के खिलाफ अपनी अपील भी वापस ले ली थी, जिससे ट्रंप को इस मामले में बड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब जांच करने वाले एजेंटों की बर्खास्तगी ने एक नया कानूनी मोर्चा खोल दिया है।
