देश / कोविशील्ड लगवाने वालों को फ्रांस जाने की अनुमति मिलने की खबर; पूनावाला ने दी प्रतिक्रिया

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रांस ने कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने वाले विदेशी पर्यटकों को 18 जुलाई से देश में आने की अनुमति दी है। खबर पर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा, "यह पर्यटकों के लिए वाकई अच्छी खबर है...16 यूरोपीय देश कोविशील्ड को स्वीकार्य मानते हैं। हालांकि, अलग-अलग देशों में एंट्री के दिशानिर्देश अलग हो सकते हैं।"

Covishield Vaccine: फ्रांस ने भारत में बनी कोविड-19 की वैक्सीन एस्ट्राजेनेका (भारत में कोविशील्ड नाम से) की खुराक लेने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को देश में आने की अनुमति दे दी है. यह फैसला रविवार से प्रभावी होगा. इस पर भारत में कोविशील्ड का निर्माण करने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला का बयान सामने आया है.

अदार पूनावाला ने कहा, “यात्रियों के लिए यह वास्तव में अच्छी खबर है, क्योंकि हमने देखा कि 16 यूरोपीय देशों ने प्रवेश के लिए स्वीकार्य वैक्सीन के रूप में कोविशील्ड को मान्यता दे रहे हैं. हालांकि, वैक्सीन लगाए जाने के बावजूद, एंट्री के गाइडलाइंस अलग-अलग देशों में भिन्न हो सकते हैं.”

बता दें कि फ्रांस ने भारत के सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा उत्पादित एस्ट्राजेनेका टीका लगवाने वालों को देश में आने की अनुमति यूरोपीय संघ द्वारा केवल यूरोप में उत्पादित एस्ट्राजेनेका टीके को मान्यता देने पर हुई आलोचना के बाद दी है.

कई यूरोपीय देश पहले ही भारत में निर्मित एस्ट्राजेनेका टीके को मान्यता दे चुके हैं, जिनका बड़े पैमाने पर ब्रिटेन और अफ्रीका में इस्तेमाल हो रहा है. प्रत्येक देश में अलग-अलग नियम होने की वजह से इस साल गर्मी की छुट्टियों में यात्रा करना और जटिल हो गया है. फ्रांस ने अबतक चीन या रूसी टीकों को मान्यता नहीं दी है. यूरोपीय संघ के औषधि नियामक ने अबतक फाइजर/बायोएनटेक, मॉडर्ना, जॉनसन ऐंड जॉनसन और एस्ट्राजेनेका के टीके को अधिकृत किया है.

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