गाजा में असली खेल शुरू? पुतिन से मिले महमूद अब्बास, ट्रंप की बढ़ी टेंशन

गाजा पीस बोर्ड के गठन के बीच फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने मॉस्को में व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है। ट्रंप द्वारा साइडलाइन किए जाने के बाद अब्बास का यह कदम मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर सकता है।

गाजा में शांति की कोशिशों और पुनर्निर्माण के दावों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और एक तरफ दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाजा पीस बोर्ड के गठन के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर रहे थे, तो दूसरी तरफ फिलिस्तीन प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास मॉस्को पहुंच गए। राष्ट्रपति आवास क्रेमलिन में व्लादिमीर पुतिन ने महमूद अब्बास का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह मुलाकात महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी कूटनीतिक बिसात बिछी हुई है।

ट्रंप से नाराजगी और पुतिन का साथ

महमूद अब्बास को डोनाल्ड ट्रंप का धुर-विरोधी माना जाता है और हाल के दिनों में जब ट्रंप ने गाजा पीस बोर्ड और उसकी डेवलपमेंट कमेटी की घोषणा की, तो उसमें अब्बास को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। अमेरिका ने न केवल उन्हें इस बोर्ड से बाहर रखा, बल्कि उनके राष्ट्रपति पद की वैधता को भी स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसी उपेक्षा का जवाब देने के लिए अब्बास ने रूस का रुख किया है। जानकारों का मानना है कि अब्बास के जरिए पुतिन गाजा के उन संगठनों और लोगों को एकजुट करना चाहते हैं जो ट्रंप की नीतियों से नाराज हैं।

पुतिन की शर्त: 1 बिलियन डॉलर और रूसी संपत्ति

रूसी समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, पुतिन ने अब्बास के साथ बातचीत में गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने की इच्छा जताई है और हालांकि, पुतिन ने इसके लिए एक बड़ी शर्त रखी है। पुतिन का कहना है कि अमेरिका ने रूस की जो संपत्ति जब्त कर रखी है, अगर उस पर से प्रतिबंध हटाए जाते हैं, तो रूस गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 1 बिलियन डॉलर (करीब 8400 करोड़ रुपये) देने को तैयार है। यह सीधे तौर पर अमेरिका के लिए एक चुनौती है, क्योंकि रूस। अब गाजा के बहाने अपनी आर्थिक पाबंदियों को खत्म करवाना चाहता है।

क्या है ट्रंप का गाजा पीस बोर्ड?

डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा और इजराइल के बीच युद्ध रुकवाने के बाद वहां के पुनर्निर्माण का जिम्मा उठाया है। इस बोर्ड के अध्यक्ष खुद ट्रंप हैं और इस योजना के तहत गाजा में भारी निवेश की तैयारी है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य गाजा में शांति स्थापित करना और वहां के बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करना है। इसके लिए 1 बिलियन डॉलर का शुरुआती फंड रखा गया है, जिसे विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।

गाजा का नया नक्शा और विकास योजना

अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के इस प्लान में गाजा में 2 लाख नई इमारतों का निर्माण शामिल है। युद्ध की विभीषिका को देखते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए आधुनिक बंकर बनाए जाएंगे। इसके अलावा, विश्व स्तरीय अस्पताल, स्कूल और सामुदायिक केंद्र बनाने का भी प्रस्ताव है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गाजा के पास एक नए बंदरगाह का निर्माण कराया जाएगा, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को वैश्विक व्यापार से जोड़ा जा सके।

नेतन्याहू का विरोध और बढ़ता तनाव

भले ही ट्रंप गाजा में विकास की बात कर रहे हों, लेकिन जमीन पर विरोध के स्वर भी तेज हैं और गाजा के कई संगठन इस बात से नाराज हैं कि पीस बोर्ड में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को शामिल किया गया है, जबकि फिलिस्तीनी नेतृत्व को दरकिनार कर दिया गया। पुतिन और अब्बास की इस मुलाकात ने यह साफ कर दिया है कि गाजा की बिसात। पर अभी कई चालें बाकी हैं और रूस आसानी से अमेरिका को एकतरफा बढ़त नहीं लेने देगा।