लखनऊ पुलिस ने अजीत सिंह हत्याकांड के मुख्य मास्टरमाइंड शूटर और शूटर गिरधारी को मार गिराया है। रिमांड पर आए गिरधारी को पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान मार दिया गया है। यह मुठभेड़ विभूति खंड थाना क्षेत्र में हुई। गिरधारी दिल्ली में नाटकीय रूप से आत्मसमर्पण करके बच गया, लेकिन देर रात उसे 'विकास डबरी स्टाइल' में एक मुठभेड़ हुई।
बता दें कि कुछ दिन पहले लखनऊ के विभूतिखंड के कठौता चौराहे पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह पर गोली चलाई गई थी। घायल अजीत सिंह और उनके साथी मोहर सिंह को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अजीत सिंह को मृत घोषित कर दिया। इस हत्या के पीछे का कारण गैंगवार बताया जा रहा था।
गिरधारी का एनकाउंटर कैसे हुआ?अजीत सिंह की हत्या के मुख्य सूत्रधार और शूटर गिरधारी की तलाश में यूपी पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही थी, लेकिन गिरधारी ने नाटकीय ढंग से दिल्ली में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद गिरधारी को लखनऊ लाया गया और रविवार की रात पुलिस उसे हत्या में प्रयुक्त पदार्थ बरामद करने के लिए विभूतिखंड ले गई।लखनऊ पुलिस का दावा है कि जब पुलिस कर्मी गिरधारी को कार से उतार रहे थे, तब गिरधारी ने सब इंस्पेक्टर अख्तर उस्मानी की पिस्तौल छीन ली, पिस्तौल छीनने के बाद उसने भागने की कोशिश की, मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंची, जिसे देखकर खुद को घिरा हुआ देखा। पुलिस, गिरधारी ने गोलीबारी शुरू कर दी, जवाबी कार्रवाई में गिरधारी घायल हो गया।शूटर गिरधारी को पास के लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसी तरह, बाइकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे का भी एनकाउंटर हुआ था, वह भी उसका हथियार छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
बता दें कि कुछ दिन पहले लखनऊ के विभूतिखंड के कठौता चौराहे पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह पर गोली चलाई गई थी। घायल अजीत सिंह और उनके साथी मोहर सिंह को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अजीत सिंह को मृत घोषित कर दिया। इस हत्या के पीछे का कारण गैंगवार बताया जा रहा था।
गिरधारी का एनकाउंटर कैसे हुआ?अजीत सिंह की हत्या के मुख्य सूत्रधार और शूटर गिरधारी की तलाश में यूपी पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही थी, लेकिन गिरधारी ने नाटकीय ढंग से दिल्ली में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद गिरधारी को लखनऊ लाया गया और रविवार की रात पुलिस उसे हत्या में प्रयुक्त पदार्थ बरामद करने के लिए विभूतिखंड ले गई।लखनऊ पुलिस का दावा है कि जब पुलिस कर्मी गिरधारी को कार से उतार रहे थे, तब गिरधारी ने सब इंस्पेक्टर अख्तर उस्मानी की पिस्तौल छीन ली, पिस्तौल छीनने के बाद उसने भागने की कोशिश की, मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंची, जिसे देखकर खुद को घिरा हुआ देखा। पुलिस, गिरधारी ने गोलीबारी शुरू कर दी, जवाबी कार्रवाई में गिरधारी घायल हो गया।शूटर गिरधारी को पास के लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसी तरह, बाइकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे का भी एनकाउंटर हुआ था, वह भी उसका हथियार छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
