ट्रंप का पाकिस्तान दौरा? इस्लामाबाद में लॉकडाउन जैसे हालात, सड़कें पूरी तरह सील

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने की संभावना और हाई-लेवल डेलिगेशन की सुरक्षा के मद्देनजर रेड जोन को सील कर दिया गया है।

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में रविवार को अचानक सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर शहर में कई बड़े कदम उठाए गए हैं। हालांकि अभी तक अमेरिका, ईरान या पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर इस बैठक की पुष्टि नहीं की है, लेकिन हालात साफ बता रहे हैं कि बड़ी बातचीत की तैयारी चल रही है। हाई लेवल अमेरिकी डेलिगेशन की सिक्योरिटी टीम इस्लामाबाद पहुंची है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि वह इस्लामाबाद आ सकते हैं, लेकिन तभी जब समझौता साइन करने की स्थिति बन जाए। अभी यह साफ नहीं है कि इस बार अमेरिका की ओर से कौन-कौन प्रतिनिधि शामिल होंगे।

अमेरिकी डेलिगेशन का आगमन और सुरक्षा तैयारियां

अमेरिका से पाकिस्तान आने में आमतौर पर एक दिन का समय लगता है। 11 अप्रैल को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को एयर फोर्स टू से इस्लामाबाद पहुंचने में करीब 17 घंटे लगे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दो अमेरिकी कार्गो विमान रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं। इससे यह संकेत मिल रहा है कि बड़ा अमेरिकी डेलिगेशन इस्लामाबाद पहुंचने वाला है, क्योंकि ऐसे विमानों में VVIP के आने से पहले जरूरी चीजें लाई जाती हैं और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी 12 अप्रैल को शांति वार्ता के लिए नूर खान एयरबेस पर उतरे थे।

इस्लामाबाद और रावलपिंडी में ट्रैफिक पर सख्त पाबंदियां

फिलहाल इस्लामाबाद पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। विदेशी डेलिगेशन के आने के कारण रेड जोन और एक्सटेंडेड रेड जोन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इन इलाकों में किसी भी तरह की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। लोगों से कहा गया है कि वे दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करें और सुरक्षा में सहयोग दें। इस्लामाबाद और इससे 15 किमी दूर रावलपिंडी में ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई है। रावलपिंडी डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी तरह के ट्रांसपोर्ट पर रोक लगाने का आदेश दिया है, हालांकि बाद में कहा कि इस व्यवस्था में निजी वाहनों को छूट मिलेगी और वहीं इस्लामाबाद डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने भी भारी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की आवाजाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहा जा रहा है कि ये सुरक्षा प्रतिबंध 10 दिन तक लागू रह सकते हैं।

प्रमुख होटलों में बुकिंग बंद और मेहमानों की निकासी

इस्लामाबाद के बड़े होटलों ने कोई भी बुकिंग लेने से मना कर दिया है। लग्जरी मोवेनपिक होटल में इस हफ्ते के लिए कोई कमरा खाली नहीं है। पिछली वार्ता के दौरान यही होटल मीडिया के लोगों से भरा हुआ था। वहीं, सेरेना होटल अब नई बुकिंग नहीं ले रहा है। सेरेना में अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत हुई थी। इतना ही नहीं, सेरेना और मैरियट होटल में ठहरे हुए मेहमानों को भी रविवार रात से दूसरे ठिकानों पर जाने के लिए कहा गया है। इससे यह साफ होता है कि इन होटलों को किसी खास काम के लिए खाली कराया जा रहा है।

शांति वार्ता का अगला चरण और संभावित तारीख

पहले दौर की वार्ता 12 अप्रैल को खत्म हुई थी। इसके बाद से पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि सीधे बातचीत ज्यादा बेहतर रही है, क्योंकि बीच में किसी तीसरे पक्ष के होने से कई बार गलतफहमियां पैदा हो जाती हैं। दूसरे दौर की बातचीत की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन जानकारी के मुताबिक, यह मीटिंग मंगलवार तक हो सकती है।