अरब प्रायद्वीप में चल रहा संघर्ष एक बार फिर हिंसक मोड़ ले चुका है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा दागे गए मिसाइलों ने सऊदी अरब के दक्षिणी जजान क्षेत्र को निशाना बनाया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मिसाइल हमले में दो लोग घायल हो गए हैं और एक मस्जिद सहित कई इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय यमन में बढ़ते तनाव को लेकर पहले से ही चिंतित है।
जजान में हमले का विवरण और तबाही
सऊदी अरब के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यमन की ओर से दागा गया मिसाइल जजान के अल-तुवाल गवर्नरेट में गिरा। इस हमले के कारण न केवल मानवीय क्षति हुई, बल्कि नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया। मलबे और धमाके की चपेट में आने से एक मस्जिद और कई अन्य इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और इसके अलावा, वहां खड़ी कई निजी गाड़ियों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। सऊदी सिविल डिफेंस के एक प्रवक्ता ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आम लोगों और नागरिक संपत्तियों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन है। हमले के तुरंत बाद, प्रशासन ने निर्धारित आपातकालीन प्रक्रियाओं को लागू कर दिया ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और घायलों को उचित उपचार मिल सके।
हूतियों का दावा और सैन्य ठिकानों पर हमला
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने, जो यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन से लड़ रहे हैं, इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हूतियों का दावा है कि उन्होंने इस ऑपरेशन में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया है। उनके अनुसार, मुख्य लक्ष्य दक्षिणी नजरान प्रांत के शरुरा में स्थित एक सऊदी मिलिट्री बेस था। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि इस हमले में हथियार डिपो और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया था। सारी ने आरोप लगाया कि इन ठिकानों का इस्तेमाल यमन और वहां के लोगों के खिलाफ सैन्य अभियानों को संचालित करने के लिए किया जा रहा था।
सऊदी अरब को नई चेतावनी
हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने सऊदी अरब को भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि यदि सऊदी अरब की ओर से सैन्य कार्रवाई जारी रहती है, तो हूती विद्रोही सऊदी अरब के इलाकों में और अंदर तक बड़े और अधिक जोरदार हमले करेंगे और यह बयान क्षेत्र में युद्ध के और अधिक फैलने का संकेत देता है। हमले के बाद, सऊदी सिविल डिफेंस ने खामिस मुशैत गवर्नरेट के निवासियों के लिए भी चेतावनी जारी की थी, हालांकि बाद में स्थिति की समीक्षा के बाद खतरा टलने की घोषणा की गई। पिछले कुछ दिनों में हूतियों ने दक्षिणी सऊदी अरब के विभिन्न हिस्सों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है।
हालिया हमलों में हताहतों की संख्या
जजान में हुआ यह हमला हाल के दिनों में हुए हमलों की कड़ी का हिस्सा है। मंगलवार को हूती समूह ने सऊदी अरब के कई शहरों जैसे अभा, खामिस मुशैत, जजान और नजरान में नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर बड़े हमले किए थे। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कुल 73 लोग घायल हुए थे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संघर्ष अब और अधिक घातक होता जा रहा है। यमन में लगभग चार साल तक संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से चले संघर्ष विराम के बाद, जुलाई में लड़ाई फिर से शुरू हुई है, जिससे शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
यमन में युद्ध की वर्तमान स्थिति
यमन के भीतर भी युद्ध की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। हूती लड़ाकों ने यमन के पूरे लाल सागर तट पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण मोचा बंदरगाह शहर पर भी कब्जा कर लिया है। दूसरी ओर, यमन की सरकारी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अल-जौफ, मारिब और अल-बैदा में नए मोर्चे खोल दिए हैं। इस भीषण लड़ाई का मानवीय परिणाम बहुत दुखद रहा है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन और स्थानीय अधिकारियों के आंकड़ों के मुताबिक, इस ताजा संघर्ष में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अपने घरों को छोड़कर भागने पर मजबूर हुए हैं, जिससे वे बेघर हो गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी
यमन संकट की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस महीने एक आपातकालीन सत्र आयोजित किया। इस सत्र के दौरान यमन के लिए विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यमन वर्तमान में युद्ध के एक नए और कहीं अधिक खतरनाक दौर का सामना कर रहा है। ग्रंडबर्ग का यह बयान संकेत देता है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए, तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
