काठमांडू: भारत ने गौतम बुद्ध (Gautama Buddha) की जन्मस्थली को लेकर उत्पन्न विवाद को खारिज करते हुए रविवार को कहा कि विदेश मंत्री एस। जयशंकर (S। Jaya Shankar) की उन पर टिप्पणी ‘हमारी साझा बौद्ध विरासत’ के बारे में थी और इसमें कोई संदेह नहीं है कि बौद्ध धर्म के संस्थापक का जन्म नेपाल (Nepal) के लुम्बिनी (Lumbini) में हुआ था।
जयशंकर ने शनिवार को एक वेबिनार में भारत के नैतिक नेतृत्व में बात रखी और बताया कि कैसे भगवान बुद्ध (Lord Buddha) और महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की सीख आज भी प्रासंगिक हैं।
It is a well-established and undeniable fact proven by historical & archaeological evidence that Gautam Buddha was born in Lumbini, Nepal. Lumbini, the birthplace of Buddha and the fountain of Buddhism, is one of the UNESCO world heritage sites: Ministry of Foreign Affairs, Nepal pic.twitter.com/hooD5856hO
— ANI (@ANI) August 9, 2020
हालांकि, नेपाली मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि जयशंकर ने बुद्ध को भारतीय बताया
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने रविवार को कहा कि शनिवार को एक कार्यक्रम में विदेश मंत्री की टिप्पणी ‘हमारी साझा बौद्ध विरासत के बारे में थी।’ उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि गौतम बुद्ध का जन्म लुम्बिनी में हुआ था, जो नेपाल में है।’
इससे पहले दिन में नेपाली मीडिया में आई जयशंकर की टिप्पणियों पर आप्पति जताते हुए नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ‘यह सु-स्थापित और ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर साबित अकाट्य तथ्य है कि बुद्ध का जन्म लुम्बिनी, नेपाल में हुआ था।’
नेपाल विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि बुद्ध की जन्मस्थली और बौद्ध धर्म की स्थापना से जुड़े स्थानों में से एक लुम्बिनी, यूनेस्को के विश्व विरासत स्थलों में से एक है।
