IND vs SA / टीम इंडिया को बड़ा झटका: हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज से बाहर!

स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह साउथ अफ्रीका के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर रह सकते हैं, जो 30 नवंबर से शुरू होगी। पांड्या एशिया कप 2025 के दौरान लगी जांघ की चोट से उबर रहे हैं, जबकि बुमराह को टी20 विश्व कप से पहले वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया जा सकता है।

भारतीय क्रिकेट टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले एक संभावित बड़े झटके का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत के दो प्रमुख खिलाड़ी, स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या। और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, इस महत्वपूर्ण सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। यह खबर टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय है, खासकर जब टीम सफेद गेंद के प्रारूप में अपनी श्रेष्ठता साबित करने की कोशिश कर रही है। वनडे सीरीज की शुरुआत 30 नवंबर से होगी, जो दो मैचों की टेस्ट सीरीज के बाद खेली जाएगी और हालांकि, फैंस को इस सीरीज में एक बार फिर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को एक्शन में देखने का मौका मिलेगा।

हार्दिक पांड्या की चोट और रिकवरी

हार्दिक पांड्या का साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज से बाहर रहना उनकी जांघ की चोट के कारण है और इस गतिशील ऑलराउंडर को यह चोट एशिया कप 2025 के दौरान लगी थी, जिसके बाद उन्हें कई मैचों से बाहर रहना पड़ा। वर्तमान में, पांड्या अपनी चोट से उबरने के लिए गहन पुनर्वास प्रक्रिया से गुजर रहे हैं, जिसका उद्देश्य पूरी फिटनेस हासिल करना है और उनकी मौजूदा रिकवरी योजना के अनुसार, वह निकट भविष्य में मुख्य रूप से खेल के सबसे छोटे प्रारूप, यानी टी20 क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यह रणनीतिक निर्णय उनकी पूर्ण रिकवरी और आगामी प्रमुख टी20 टूर्नामेंटों के लिए इष्टतम प्रदर्शन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

जसप्रीत बुमराह का वर्कलोड मैनेजमेंट

अपने प्रमुख तेज गेंदबाज की फिटनेस को बनाए रखने के उद्देश्य से, जसप्रीत बुमराह को भी आगामी वनडे सीरीज से आराम दिए जाने की संभावना है और बुमराह को ब्रेक देने का यह निर्णय वर्कलोड मैनेजमेंट की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, खासकर भारत के मुख्य तेज गेंदबाजों के लिए। व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम और महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों को देखते हुए, जिसमें अगले साल भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में होने वाला टी20 विश्व कप भी शामिल है, बुमराह जैसे खिलाड़ियों पर शारीरिक मांगों का प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। टीम प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ यह सुनिश्चित करने के लिए उत्सुक हैं कि। उनके स्टार तेज गेंदबाज महत्वपूर्ण असाइनमेंट के लिए तरोताजा और बेहतरीन स्थिति में रहें।

हार्दिक की वापसी का मार्ग

खिलाड़ियों की स्थिति के बारे में अधिक जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक सूत्र से मिली है, जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर एक समाचार एजेंसी से बात की। सूत्र ने पुष्टि की कि हार्दिक पांड्या इस समय अपनी जांघ की चोट से उबर रहे हैं। वह वर्तमान में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी आरटीपी (खेल में वापसी) ट्रेनिंग कर रहे हैं। सूत्र ने पांड्या के लिए चोट से वापसी के बाद धीरे-धीरे अपना वर्कलोड बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। उनके लिए सीधे 50 ओवर के मैच खेलना, जिसमें निरंतर शारीरिक परिश्रम की आवश्यकता होती है, इस स्तर पर जोखिम भरा होगा और बीसीसीआई की मेडिकल टीम और हार्दिक ने मिलकर टी20 विश्व कप तक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है।

अपनी मैच फिटनेस साबित करने और धीरे-धीरे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटने के लिए, हार्दिक पांड्या से उम्मीद की जा रही है कि वह पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बड़ौदा के लिए खेलेंगे और यह घरेलू टी20 टूर्नामेंट उनकी रिकवरी का परीक्षण करने और लय बनाने के लिए एक आदर्श मंच के रूप में काम करेगा। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलने के बाद, उनके साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ भी तीन वनडे मैच होने हैं, लेकिन मौजूदा क्रिकेट। कैलेंडर में टी20 विश्व कप तक वनडे क्रिकेट का महत्व उतना नहीं है।

भविष्य के टूर्नामेंटों पर ध्यान

हार्दिक पांड्या जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के लिए टी20 क्रिकेट को प्राथमिकता देने और जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाजों के वर्कलोड का प्रबंधन करने का यह वर्तमान दृष्टिकोण भारतीय क्रिकेट बोर्ड की रणनीतिक योजना को रेखांकित करता है। तत्काल ध्यान स्पष्ट रूप से आगामी टी20 विश्व कप पर है। इस प्रमुख आयोजन के बाद, दीर्घकालिक दृष्टि 2027 वनडे विश्व कप तक फैली हुई है। यह उम्मीद की जाती है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 सीजन के समापन के बाद, वरिष्ठ खिलाड़ी 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी पर अपना प्राथमिक ध्यान केंद्रित करना शुरू कर देंगे, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतिबद्धताओं के लिए एक चरणबद्ध दृष्टिकोण का संकेत देता है।

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