देश / 24 घंटे में दूसरी बार 'प्रलय' मिसाइल का परीक्षण, DRDO ने बताई यह वजह

भारत ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन ओडिशा के डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से जमीन से जमीन पर मार करने वाली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल 'प्रलय' का सफल परीक्षण किया है। परीक्षण को लेकर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बताया कि पहली बार लगातार दो दिन, बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया गया। टेस्टिंग के दौरान मिसाइल ने मिशन के सभी उद्देश्यों को पूरा किया।

New Delhi : भारत ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन ओडिशा के डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से जमीन से जमीन पर मार करने वाली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल 'प्रलय' का सफल परीक्षण किया है। परीक्षण को लेकर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बताया कि पहली बार लगातार दो दिन, बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया गया। टेस्टिंग के दौरान मिसाइल ने मिशन के सभी उद्देश्यों को पूरा किया।

पेलोड के आधार पर 'प्रलय' रेंज 150 से 500 किलोमीटर है, और इसे मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है। इसके अलावा यह कई और नई तकनीक से लैस है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गुरुवार को मिसाइल का परीक्षण भारी पेलोड और अलग-अलग रेंज के लिए किया गया ताकि इसकी सटीकता और ताकत को परखा जा सके। 

दूसरे टेस्ट की निगरानी सभी रेंज सेंसर और उपकरणों द्वारा की गई, जिसमें टेलीमेट्री, रडार तथा पूर्वी तट पर तैनात इलेक्ट्रो-ऑप्टिक ट्रैकिंग सिस्टम और प्रभाव बिंदु के पास स्थित डाउन रेंज जहाज शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि टेस्ट में मिसाइल ने अपने सभी टारगेट पर खरा उतरा। इससे पहले इसी ओडिशा के तट से भारत ने लेटेस्ट तकनीक से लैस अग्नि श्रेणी की मिसाइलों का टेस्ट किया था।

'अग्नि पी' अपनी श्रेणी की मिसाइलों की नई पीढ़ी की एडवांस मिसाइल है। यह सतह से सतह पर मार करने में सक्षम है। इस मिसाइल की अधिकतम मारक क्षमता 1000 से 2000 किलोमीटर है। डीआरडीओ की ओर से विकसित अग्नि मिसाइलों में कई वैरायटियां हैं जो कि 700 किमी से 500 किमी तक मार करने में सक्षम हैं। यह मिसाइलें पूरी तरह से स्वदेशी हैं। अग्नि पी को जल्द ही सेना में शामिल किया जाएगा।

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