भारतीय क्रिकेट टीम के लिए आखिरकार वह सुखद पल आ ही गया जिसका करोड़ों क्रिकेट प्रेमी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों में मिली हार और उसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ लगातार चार टी20 मुकाबलों में शिकस्त झेलने के बाद, टीम इंडिया ने अपनी पहली जीत दर्ज की है। एजबेस्टन के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए पहले वनडे मैच में भारत ने मेजबान इंग्लैंड को हराकर सीरीज में शानदार शुरुआत की है और इस जीत के सबसे बड़े नायक कप्तान शुभमन गिल और ऑलराउंडर अक्षर पटेल रहे। गिल ने जहां कप्तानी पारी खेलते हुए 80 रन बनाए, वहीं अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से कमाल करते हुए 4 विकेट चटकाए और एक तेजतर्रार अर्धशतक भी जड़ा।
बर्मिंघम के एजबेस्टन में टूटा इंग्लैंड का 12 साल का घमंड
इंग्लैंड की टीम का बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है और यह टीम इस मैदान पर पिछले 12 सालों से कोई भी वनडे मैच नहीं हारी थी। आखिरी बार साल 2014 में भारत ने ही इंग्लैंड को इस मैदान पर शिकस्त दी थी। अब साल 2026 में एक बार फिर टीम इंडिया ने अंग्रेजों के इस किले को फतह किया है। इस हार से पहले इंग्लैंड की टीम एजबेस्टन में लगातार सात वनडे मैच जीतने का रिकॉर्ड बना चुकी थी, लेकिन भारतीय टीम ने उनके इस घमंड को चकनाचूर कर दिया।
इंग्लैंड की पारी और भारतीय गेंदबाजों का दबदबा
मैच की शुरुआत में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन कप्तान हैरी ब्रूक का यह फैसला उनकी टीम के लिए सही साबित नहीं हुआ। एजबेस्टन की पिच पर मौजूद नमी का भारतीय तेज गेंदबाजों ने भरपूर फायदा उठाया। जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा ने सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों को बांधे रखा और हालांकि 7 ओवर के बाद इंग्लैंड ने रन गति बढ़ाने की कोशिश की और बेन डकेट ने तेजी से रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर पर जैकब बेथल संघर्ष करते नजर आए। जब बेथल 14 रन पर थे, तब गुरनूर बराड़ ने उन्हें आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके तुरंत बाद बराड़ ने सेट बल्लेबाज बेन डकेट को भी 43 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। इसके बाद इंग्लैंड का मिडिल ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। कप्तान हैरी ब्रूक सिर्फ 1 रन बना सके, जोस बटलर 5 रन पर आउट हुए और सैम कर्रन तो अपना खाता भी नहीं खोल पाए। एक समय इंग्लैंड ने 107 रन पर अपने 6 विकेट गंवा दिए थे।
रूट और डॉसन का संघर्ष और भारत का पलटवार
मुश्किल घड़ी में जो रूट और लियम डॉसन ने मोर्चा संभाला और जो रूट ने नाबाद 76 रनों की धैर्यपूर्ण पारी खेली और लियम डॉसन ने 68 रन बनाकर उनका बखूबी साथ दिया। इन दोनों के बीच हुई शतकीय साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड की टीम 250 के आंकड़े को पार करने में सफल रही और 258 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली महज 5 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन कप्तान शुभमन गिल ने हार नहीं मानी और जोफ्रा आर्चर, जॉश टंग और सैम कर्रन जैसे गेंदबाजों का डटकर सामना किया। गिल ने श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर अर्धशतकीय साझेदारी की और 75 गेंदों में 80 रन बनाए, हालांकि उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा। गिल के जाने के बाद अय्यर 35 रन पर रन आउट हो गए और केएल राहुल भी सिर्फ 1 रन बना सके। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल ने मोर्चा संभाला। अक्षर पटेल ने केवल 38 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने 63 गेंदों में नाबाद 52 रनों की पारी खेलकर भारत को 4 विकेट से जीत दिला दी।
