नई दिल्ली / 2019-20 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 4.5%; 6.5 साल में सबसे कम

सरकार ने बताया है कि 2019-20 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 4.5% रही जो पिछले 6.5 साल में सबसे कम है। इससे पहले 2012-13 की जनवरी-मार्च तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि दर 4.3% थी। गौरतलब है, 2012 के बाद से पहली बार लगातार छठी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर में गिरावट आई है।

नई दिल्ली, देश की आर्थिक विकास दर में सितंबर तिमाही में गिरावट दर्ज की गई है। जुलाई-सितंबर तिमाही में आर्थिक विकास दर 4.5 फीसदी रही जबकि एक साल पहले इस समय आर्थिक विकास दर 7 फीसदी थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बुनियादी उद्योगों (Core Sector) का उत्पादन अक्टूबर में 5.8 प्रतिशत गिरा।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कायार्न्वयन मंत्रालय जुलाई-सितंबर के त्रैमासिक वृद्धि के आंकड़े आज जारी करने थे। ऐसा पहले ही माना जा रहा था कि इसमें 4.3 से 4.7 फीसदी वृद्धि होगी, जो कि पहली तिमाही में रही 5 फीसदी वृद्धि दर से कम है। कोर सेक्टर और औद्योगिक वृद्धि (IIP) दोनों की हालत अगस्त और सितंबर महीने के दौरान खराब रहे।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों का मानना था कि जुलाई-सितंबर तिमाही तिमाही के दो महीनों में कोर सेक्टर और आईआईपी की हालत बेहद खराब रही, जिसका असर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर पर नजर आएगा।

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर केवल 4.2 फीसदी आंकी थी। बैंक इसे कम ऑटोमोबाइल बिक्री, वायु यातायात में मंदी, कोर सेक्टर की खस्ता हालत और निमार्ण एवं बुनियादी ढांचे के निवेश में गिरावट को वजह मान रहा था।

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